नई दिल्‍ली: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आज राम मंदिर का भूमिपूजन करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया है. ओवैसी ने कहा, भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है. प्रधानमंत्री ने राममंदिर की आधारशिला रखकर कार्यालय की शपथ का उल्लंघन किया है. यह लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की हार और हिंदुत्व की सफलता का दिन है. Also Read - केंद्रीय रेल राज्‍य मंत्री सुरेश अंगड़ी का कोरोना से निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख

बता दें कि आज सुबह ओवैसी ने ट्वीट करके कहा था, बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी इंशाल्लाह, बाबरी ज़िंदा है. Also Read - PM मोदी के नाम जुड़ी एक और उपलब्धि, अब Time Magazine के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल

एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने कहा, प्रधानमंत्री ने आज कहा कि वह भावुक थे. मैं कहना चाहता हूं कि मैं भी उतना ही भावुक हूं, क्योंकि मैं सह-अस्तित्व और नागरिकता की समानता में विश्वास करता हूं. श्रीमान प्रधानमंत्री, मैं भावुक हूं, क्योंकि एक मस्जिद 450 साल से वहां खड़ी थी. Also Read - कोरोना संकट को लेकर दिल्ली, UP, महाराष्ट्र समेत 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग प्रधानमंत्री मोदी की बैठक आज

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- बाबरी मस्जिद के विध्वंस के लिए कांग्रेस समान रूप से जिम्मेदार है. ये धर्मनिरपेक्ष दल पूरी तरह से उजागर हो चुके हैं.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्‍या में भूमि पूजन कर ‘श्री राम जन्मभूमि मंदिर’ का शिलान्यास किया और कहा कि राम मंदिर राष्ट्रीय एकता व भावना का प्रतीक है तथा इससे समूचे अयोध्या क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा. राम मंदिर को भारतीय संस्कृति की ‘‘समृद्ध विरासत’’ का द्योतक बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सदियों का इंतजार आज खत्म हो रहा है. यह न सिर्फ आने वाली पीढ़ियों को आस्था और संकल्प की, बल्कि अनंतकाल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देगा.

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर यह भी कहा कि जिस प्रकार स्वतंत्रता दिवस लाखों बलिदानों और स्वतंत्रता की भावना का प्रतीक है, उसी तरह राम मंदिर का निर्माण कई पीढ़ियों के अखंड तप, त्याग और संकल्प का प्रतीक है. ‘श्री राम जन्मभूमि मंदिर’ का शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री ने एक समारोह को संबोधित किया और इसकी शुरुआत सियावर रामचंद्र की जय के उद्घोष से की. उन्होंने कहा कि यह उद्घोष सिर्फ राम की नगरी में ही नहीं, बल्कि इसकी गूंज पूरे विश्व में सुनाई दे रही है. उन्होंने सभी देशवासियों को और विश्व में फैले करोड़ों राम भक्तों को इस ”पवित्र” अवसर पर ”कोटि कोटि” बधाई दी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि बरसों से टाट और टेंट के नीचे रह रहे हमारे रामलला के लिए अब एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा.
उन्होंने कहा, ”बरसों से टाट और टेंट के नीचे रह रहे हमारे रामलला के लिए अब एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा. टूटना और फिर उठ खड़ा होना, सदियों से चल रहे इस व्यतिक्रम से राम जन्मभूमि आज मुक्त हो गई है. पूरा देश रोमांचित है, हर मन दीपमय है. सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है.’’

मोदी ने कहा कि ”राम सबके हैं, सब में हैं” और उनकी यही सर्वव्यापकता भारत की विविधता में एकता का जीवन चरित्र है.
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्रीराम के नाम की तरह ही अयोध्या में बनने वाला भव्य राम मंदिर भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का द्योतक होगा.

मोदी ने कहा, ”राम का मंदिर भारतीय संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा, हमारी शाश्वत आस्था का प्रतीक बनेगा, राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा. ये मंदिर करोड़ों-करोड़ों लोगों की सामूहिक शक्ति का भी प्रतीक बनेगा. यहां निर्मित होने वाला राम मंदिर भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का द्योतक होगा, अनंतकाल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देगा और मार्गदर्शन करता रहेगा.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान राम की अद्भुत शक्ति देखिए कि इमारतें नष्ट कर दी गईं, अस्तित्व मिटाने का प्रयास भी बहुत हुआ, लेकिन राम आज भी हमारे मन में बसे हैं, हमारी संस्कृति का आधार हैं. उन्होंने कहा, ”श्रीराम भारत की मर्यादा हैं, श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए चले आंदोलन के समय कई-कई पीढ़ियों ने अपना सब कुछ समर्पित कर दिया था. गुलामी के कालखंड में कोई ऐसा समय नहीं था जब आजादी के लिए आंदोलन न चला हो, देश का कोई भूभाग ऐसा नहीं था जहां आजादी के लिए बलिदान न दिया गया हो.

पीएम मोदी कहा, ”15 अगस्त का दिन लाखों बलिदानों का प्रतीक है, स्वतंत्रता की भावना का प्रतीक है. ठीक उसी तरह राम मंदिर के लिए कई सदियों तक कई पीढ़ियों ने लगातार प्रयास किया और आज का यह दिन उसी तप, त्याग और संकल्प का प्रतीक है.” मोदी ने कहा कि राम मंदिर के लिए चले आंदोलन में अर्पण भी था, तर्पण भी था, संघर्ष भी था, संकल्प भी था.

पीएम मोदी ने कहा, ”जिनके त्याग, बलिदान और संघर्ष से आज ये स्वप्न साकार हो रहा है, जिनकी तपस्या राम मंदिर में नींव की तरह जुड़ी हुई है, मैं उन सबको आज 130 करोड़ देशवासियों की तरफ से नमन करता हूं.”

मोदी ने कहा कि श्रीराम ने सामाजिक समरसता को अपने शासन की आधारशिला बनाया था. उन्होंने कहा, ”प्रभु श्रीराम ने हमें कर्तव्य पालन की सीख दी है. अपने कर्तव्यों को कैसे निभाएं, इसकी सीख दी है. उन्होंने हमें विरोध से निकलकर, बोध और शोध का मार्ग दिखाया है. हमें आपसी प्रेम और भाईचारे के जोड़ से राम मंदिर की इन शिलाओं को जोड़ना है.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब-जब मानवता ने राम को माना है, तब-तब विकास हुआ है और जब-जब यह भटकी है, विनाश के रास्ते खुले हैं. उन्होंने कहा, ”हमें सभी की भावनाओं का ध्यान रखना है. हमें सबके साथ से, सबके विश्वास से, सबका विकास करना है.”