रांची: झारखंड विधानसभा की 81 सीटों पर चल रही मतगणना के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि वह जनादेश का सम्मान करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यदि हार होती है, तो यह हार उनकी होगी, भाजपा की नहीं.

रांची में पत्रकारों से बातचीत में दास ने कहा कि इस चुनाव में अब तो जो भी जनादेश आ रहा है, उसको स्वीकार करता हूं. उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में मिले जनादेश के मुताबिक उन्होंने राज्य में विकास के कार्य करने की कोशिश की और लोगों की सेवा करने का काम किया.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “अंतिम परिणाम आना बाकी है. नतीजों में फेरबदल की गुंजाइश बची हुई है. इस चुनाव में यदि हार होती है तो यह भाजपा की नहीं मेरी हार होगी.”

मतगणना के रुझानों के मुताबिक, रघुवर दास अपने निर्वाचन क्षेत्र जमशेदपुर (पूर्वी) से पीछे चल रहे थे. इस संबंध में उन्होंने हालांकि, कहा कि जमशेदपुर पूर्वी से उनकी जीत तय है. अभी कई चक्र की गिनती शेष है.

एक अन्य सवाल के जवाब में रघुवर दास ने कहा, लोकतंत्र में जनता का आदेश शिरोधार्य होता है. अतः जो भी जनादेश मिलेगा उसका हम सहर्ष स्वागत करेंगे. उन्होंने कहा कि पूरा परिणाम आने के बाद ही वह मीडिया से विस्तार से बातचीत करेंगे.

इस बीच उन्हें चुनौती देने वाले उन्हीं के मंत्रिमंडल सयोगी सरयू राय ने दो टूक कहा कि अब रघुवर दास न तो जीतने वाले हैं और न ही मुख्यमंत्री बनने वाले हैं. उन्होंने कहा कि उनका टिकट कटवा कर जिस तरह उनके स्वाभिमान को चोट पहुंचाई गई उसी के चलते उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने की ठानी थी.

राज्य में भाजपा ने कुल 79 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें वह 26 पर आगे चल रही है, जबकि महागठबंधन में 43 सीटों पर चुनाव लड़कर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने 30 सीटों पर बढ़त बना रखी है. उसकी सहयोगी कांग्रेस 15 और राजद एक सीट पर आगे चल रही है.