नई दिल्ली. तमिलनाडु के तुतूकोडि यानी तूतीकोरिन में वेदांता समूह के स्टरलाइट कॉपर प्लांट के खिलाफ चल रहा आंदोलन दो दशक से ज्यादा पुराना है. आंदोलन कर रहे लोग इस प्लांट के कारण तूतीकोरिन और आसपास के इलाकों में प्रदूषण फैलने और इससे आम लोगों को कई परेशानी होने की शिकायत कर रहे हैं. लोगों की मांग है कि जब तक सरकार इस प्लांट को बंद करने का आदेश नहीं देती है, उनका आंदोलन चलता रहेगा. स्टरलाइट प्लांट के खिलाफ लोगों का यह आंदोलन आज अपने 100वें दिन में पहुंच गया है. इसी क्रम में सोमवार को 15 हजार से ज्यादा लोगों ने तूतीकोरिन में मार्च निकाला. कल प्रदर्शनकारियों पर हुई फायरिंग में 11 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. इसके बाद आज मद्रास हाईकोर्ट ने स्टरलाइट प्लांट के विस्तारीकरण पर रोक लगा दी है. बता दें कि वेदांता समूह के तूतीकोरिन कॉपर प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ाने का भी विरोध किया जा रहा है.

तूतीकोरिन LIVE: स्टरलाइट प्लांट के विस्तार पर मद्रास हाईकोर्ट ने रोक लगाई

प्रदर्शनकारी बोले- जब तक प्लांट बंद नहीं होगा, आंदोलन करते रहेंगे
वर्ष 1997 में स्टरलाइट कॉपर प्लांट के उत्पादन शुरू करने के पहले से ही तूतीकोरिन के लोग इस प्लांट का विरोध करते आ रहे हैं. लोगों का कहना है कि प्लांट से तांबे का उत्पादन शुरू होने के बाद इसके अपशिष्ट (कॉपर वेस्ट) से भूजल प्रदूषित हो रहा है. घरों में पहुंचने वाला पानी गंदा होता है, जिससे बीमारियां फैलती हैं. इसलिए लोग चाहते हैं कि स्थाई रूप से इस प्लांट को बंद कर दिया जाए. स्टरलाइट प्लांट के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर करने वाले रिटायर्ड शिक्षक प्रो. फातिमा बाबू ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, ‘लोगों के प्रदर्शन के बाद हाईकोर्ट ने हालांकि प्लांट के विस्तार पर अंतरिम रोक लगा दी है, लेकिन कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि विस्तारीकरण की प्रक्रिया शुरू करने से 4 महीने पहले स्थानीय लोगों से राय ली जाए. हम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं.’ फातिमा बाबू पिछले 25 वर्षों से स्टरलाइट प्लांट के खिलाफ चल रही मुहिम का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘जब तक यह प्लांट स्थाई रूप से बंद नहीं कर दिया जाता, हम लोग इस आंदोलन को चलाते रहेंगे.’

तांबा उत्पादन में दूसरे नंबर की कंपनी
देश में तांबा उत्पादन से जुड़ी कंपनियों में वेदांता समूह की स्टरलाइट कंपनी का स्थान दूसरा है. पहले स्थान पर बिड़ला इंडस्ट्रीज की कंपनी हिंडाल्को है. देश की सबसे बड़ी तांबा उत्पादक कंपनी हिंडाल्को 5 लाख टन सालाना तांबा उत्पादन करती है. वहीं वेदांता समूह की स्टरलाइट का सालाना उत्पादन 4 लाख टन है. इसके अलावा भारत सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड लगभग 1 लाख टन सालाना तांबा उत्पादन करती है. वेदांता समूह के देश में दो स्थानों पर कॉपर प्लांट हैं. एक तूतीकोरिन और दूसरा केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली के सिलवासा में है. तूतीकोरिन में इस समूह की एक बिजली कंपनी भी जो कोयले से 160 मेगावाट बिजली का उत्पादन करती है. वहीं, सिलवासा में दो स्थानों पर कॉपर प्लांट हैं- पहला चिंचपाड़ा और दूसरा पिपरिया. तमिलनाडु का समुद्र तटीय शहर तूतीकोरिन देश के सबसे बड़े बंदरगाह वाला शहर है.