नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद द्वारा पारित कृषि सुधार विधेयकों को लेकर विपक्षी दलों को शुक्रवार को आड़े हाथ लिया और कहा कि जिन्होंने दशकों तक किसानों के नाम पर सिर्फ नारे लगाए और खोखले वादे किए वे आज अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए उन्हीं के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं.Also Read - भारी पुलिस बल को चकमा भाजपा सांसद ने आंबागढ़ किले पर फहराया आदिवासी सफेद झंडा, जानिए मामला

पीएम मोदी ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह बात कही. Also Read - नाना पटोले ने कहा- केंद्र के खिलाफ 'आजादी' की नई लड़ाई में कांग्रेस का साथ दें युवा, ये एक स्वतंत्रता संग्राम की तरह

कुछ लोग किसानों के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं
मोदी ने कहा, ”सिर्फ नारे थे, खोखले वादे थे. देश अब इन बातों को भलीभांति जानता है.” कांग्रेस व किसी अन्य दल का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि झूठ बोलने वाले कुछ लोग इन दिनों अपने राजनीतिक स्वार्थ की वजह से किसानों के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं, उन्हें भ्रमित कर रहे हैं और अफवाहें फैला रहे हैं. Also Read - मणिपुर में 6 बार MLA रहे गोविनदास कोंथूजाम ने ज्‍वाइन की BJP, विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका

कृषि सुधार की बारीकियों को किसान जानेगा तो भ्रम में नहीं पड़ेगा
प्रधानमंत्री ने कृषि सुधार संबंधी विधेयकों पर विपक्ष के विरोध को राजनीतिक स्वार्थ बताते हुए आरोप लगाया कि वे (विपक्ष) अफवाहें फैलाकर किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं. पीएम ने कहा, ”ऐसे समय में भाजपा के हम सभी कार्यकर्ताओं का बहुत बड़ा कर्तव्य है. हमारी जिम्मेवारी है. क्योंकि हमें किसान के भविष्य को उज्ज्वल बनाना है. हम किसानों को कृषि सुधार की बारीकियों के बारे में जितना समझाएंगे उतना ही किसान जागरूक होगा और किसी प्रकार के भ्रम में नहीं पड़ेगा.” पीएम ने बीजेपी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे जमीनी स्तर पर छोटे-छोटे किसानों से मिलें और कृषि विधेयकों के फायदों से उन्हें अवगत कराएं.

सरकार ने बड़े वादों को पूरा करने का काम किया है
मोदी ने कहा, ”बहुत ही कम समय के भीतर हमने दशकों से चले आ रहे मामलों को निपटाया है. अनेक बड़े वादों को पूरा किया है. मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने बहुत ही कम समय में पिछले चुनाव में किए गए बड़े वादों को पूरा करने का काम किया है. पीएम ने कहा कि ”हर घर जल’ की योजना हो या हर गांव तक तेज इंटरनेट का वादा, ये करोड़ों देशवासियों के जीवन को आसान बनाने वाले हैं. उन्होंने कहा, इसमें अनुच्छेद 370, अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण जैसे वो वादे भी शामिल हैं जो दशकों की हमारी तपस्या के आधार रहे हैं.”

किसान और श्रमिक के नाम पर खूब नारे लगे, वो कितने खोखले थे
प्रधानमंत्री ने कहा, ”संकल्प सिद्ध करने की हमारी ताकत को बनाए रखना है. मोदी ने कहा कि आजादी के बाद अनेक दशकों तक किसान और श्रमिक के नाम पर खूब नारे लगे, बड़े-बड़े घोषणा पत्र लिखे गए, लेकिन समय की कसौटी ने सिद्ध कर दिया है कि वो सारी बातें कितनी खोखली थीं.

इन तीन बिलों का हो रहा विरोध
देश के कई हिस्सों, खासकर पंजाब और हरियाणा में किसान संगठन कृषि से संबंधित तीन विधेयकों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020, कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 तथा कृषक (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन एवं कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 हैं.

किसानों को सिर्फ वादों और कानूनों का उलझा हुआ जाल मिला था
पीएम ने कहा, ”राष्ट्र हित और जनहित के बजाय सत्ता को राजनीति का हिस्सा बना लिया गया और कुछ लोगों ने किसानों और श्रमिकों के नाम पर देश में और राज्यों में अनेक बार सरकारें बना ली. लेकिन उन्हें मिला क्या? सिर्फ वादों और कानूनों का उलझा हुआ एक ऐसा जाल जिसे ना तो किसान समझ पाता था, ना ही श्रमिक भाई-बहन समझ पाते थे.” किसानों को ऐसे कानूनों में उलझा कर रखा गया, जिसके कारण वह अपनी ही उपज को अपने मन मुताबिक बेच भी नहीं सकता था.

ज्यादा लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा
मोदी ने कहा, ”अब दशकों बाद किसान को अपनी उपज पर सही हक मिल पाया है. कृषि में जो सुधार किए गए हैं उनका सबसे ज्यादा लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा.”

50 करोड़ श्रमिकों के लिए कानून बनाया
पीएम ने कहा कि किसानों की तरह ही दशकों तक देश के श्रमिकों को भी कानूनों के जाल में उलझा कर रखा गया. श्रम सुधार कानूनों के तहत राजग की सरकार ने श्रमिकों के स्वास्थ्य, उनकी सुरक्षा, उनके वेतन को लेकर कानूनों को सरल और सहज बनाया है. उन्होंने कहा, ‘‘नए कानूनों के माध्यम से लगभग 50 करोड़ संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वेतन मिले, वह भी समय पर, इसे कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है.

नए प्रावधानों से श्रमिकों का सामाजिक सुरक्षा कवच मजबूत होगा
मोदी ने दावा किया, ”हमें श्रमिकों के आशीर्वाद मिलने वाले हैं. नए प्रावधानों से श्रमिकों का सामाजिक सुरक्षा कवच और मजबूत होगा. नए प्रावधान देश के उद्योगों के लिए भी एक प्रकार से काम करना सरल और आसान बनाएंगे. संगठित क्षेत्र का दायरा भी बढ़ेगा.”

कई योजनाओं के बारे में पीएम ने बताया
भाजपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा में नेता सदन थावरचंद गहलोत सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं की मौजूदगी के बीच पीएम ने रेहड़ी-पटरी वालों के लिए हाल ही में शुरू की गई सामाजिक सुरक्षा योजना, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण के प्रावधान को 10 और साल के लिए बढ़ाए जाने तथा सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था किए जाने का जिक्र भी किया.