नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में सोमवार को फीस वृद्धि और ड्रेस कोड जैसी पाबंदियों के विरोध में हजारों छात्रों ने विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे छात्र अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की तरफ आगे बढ़ना चाहते थे, लेकिन गेटों पर अवरोधक लगा दिए गए हैं. उपराष्ट्रपति वेकैंया नायडू इस स्थान पर दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे. छात्रों का आरोप है कि कुलपति प्रो एम जगदीश कुमार ने जेएनयू को प्राइवेट करने की मंशा से फीस में बढ़ोतरी की है.

आइए जानते हैं क्या है जेएनयू में पढ़ने वाले छात्रों का मुद्दा:

– जेएनयू में रूम रेंट 3 हजार पर्सेंट तक बढ़ा दिया है, जबकि क्रॉकरी, न्यूजपेपर, इस्टैबलिशमेंट चार्जेस की फीस में बढ़ोतरी नहीं की गई है.

– जेएनयू में पहले सिंगल सीटर रूम का रेंट 20 रुपए था लेकिन अब इसे बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया है. वहीं डबल सीटर रूम का किराया 10 रुपए था जिसे बढ़ाकर 300 रुपए कर दिया गया है.

– यहां रहने वाले छात्रों को पहले पानी और बिजली के कोई पैसे नहीं देने पड़ते थे लेकिन अब प्रशासन ने इसमें भी बढ़ोतरी कर दी है.

– यूटिलिटी चार्जेस की बात की जाए तो यहां छात्रों को इस्तेमाल के हिसाब से इसका खर्च देना पड़ता था.

– सर्विस चार्जेस के तौर पर आईएचए कमेटी ने 1700 रुपए फीस जोड़ दी है.

– प्रशासन ने वन टाइम मेस सिक्योरिटी फीस को भी 200 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है. 5500 रुपए से बढ़ाकर यह राशि 12000 कर दी गई है.

छात्रों ने बताया कि सुबह शुरु हुआ यह प्रदर्शन छात्रावास के मैनुअल के विरोध के अलावा पार्थ सारथी रॉक्स में प्रवेश पर प्रशासन की पाबंदी तथा छात्र संघ के कार्यालय को बंद करने के प्रयास के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों का ही हिस्सा है. छात्रों का दावा है कि मैनुअल में फीस में वृद्धि, कर्फ्यू का वक्त और ड्रेस कोड जैसी पाबंदियों का प्रावधान है.