जम्मू: पाकस्तानी सैनिकों ने जम्मू -कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के समीप अग्रिम क्षेत्रों और रिहायशी स्थानों पर शुक्रवार रात को गोलाबारी की, जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई. भारतीय सेना ने पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया. Also Read - आतंकियों पर कार्रवाई करने में नाकाम पाक को भारत ने किया शर्मसार

एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा, ”शुक्रवार को रात नौ बजकर 20 मिनट पर पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के पुंछ सेक्टर के गुलपुर सेक्टर में नियंत्रण रेखा के आसपास मोर्टार दागने लगी और संघर्ष विराम का उल्लंघन करने लगी.” अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने करमारा सेक्टर में नियंत्रण रेखा से सटे रिहायशी क्षेत्रों पर भी भारी गोलाबारी की. Also Read - पूर्व पाक पीएम नवाज शरीफ के छोटे भाई गिरफ्तार, पाकिस्तान के नेता प्रतिपक्ष भी हैं शहबाज

एक रक्षा प्रवक्ता के अनुसार एक गोला करमाना गांव के एक मकान में आ फटा, जिससे मोहम्मद रफीक (58), उनकी पत्नी राफिया बी (50) और बेटे इरफान (15) की मौके पर ही मौत हो गई. कुछ मकान भी क्षतिग्रस्त हो गये और कुछ लोग घायल हो गए. अधिकारियों ने कहा, भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है. खबर लिख जाने तक दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी और गोलाबारी जारी थी. Also Read - कश्मीर: सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए दो आतंकवादी, जांच जारी

संघर्षविराम का उल्लंघन मुख्यत: आतंकियों को कश्मीर में भेजने के लिए किया जाता है
बता दें कि पिछले कुछ महीने से नियंत्रण रेखा पर बिना किसी उकसावे के पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाएं बढ़ गई हैं. इस माह के प्रारंभ में भारत ने नियंत्रण रेखा एवं अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी सुरक्षाबलों द्वारा संघर्षविराम का उल्लंघन किए जाने को लेकर पाकिस्तान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया था. अधिकारियों के अनुसार ये संघर्षविराम उल्लंघन मुख्यत: आतंकवादियों को जम्मू कश्मीर में भेजने के लिए किए जाते हैं.

संघर्ष विराम उल्लंघन की 2,432 से ज्‍यादा घटनाएं
आधिकारिक आंकड़े के अनुसार जून तक बिना उकसावे के पाकिस्तान द्वारा की गई संघर्ष विराम उल्लंघन की 2,432 से अधिक घटनाओं में 13 भारतीय नागिरक मारे गए, जबकि 88 घायल हो गए. भारत कहता रहा है कि बिना उकसावे के होने वाले संघर्ष विराम उल्लंघन 2003 में दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते के विपरीत है. अधिकारियों ने कहा कि सैन्य अभियान महानिदेशकों के चैनल समेत विभिन्न माध्यमों से चिंता सामने रखने के बाद भी पाकिस्तान ने ऐसी गतिविधियां नहीं रोकी हैं.