चंडीगढ़ः उच्च सुरक्षा वाले अमृतसर केंद्रीय कारागार के तीन विचाराधीन कैदी जेल तोड़कर भाग गए जिसके बाद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्यभर में जेलों की सुरक्षा की समीक्षा करने और उसमें सुधार लाने का आदेश दिया है. बलात्कार का एक आरोपी और चोरी तथा डकैती के अन्य दो आरोपी (दोनों भाई) करीब 10 ईंटें हटाकर अपनी बैरक की दीवार तोड़कर शनिवार तथा रविवार की मध्यरात्रि को भाग गए.

आधिकारिक बयान के अनुसार, पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने कहा, ‘‘उन्होंने करीब 16 फुट ऊंची अंदर की दीवार को एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर फांदा, जबकि करीब 21 फुट ऊंची बाहर की दीवार को स्टील की एक छड़ और गद्दे के कवर से हुक बनाकर फांदा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अंतत: वे टावर नंबर 10 के पास एक प्वाइंट से जेल परिसर से भाग गए. यह हिस्सा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में नहीं था.’’

डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार बाहर से मदद मिलने का कोई सबूत नहीं है. ऐसा लगता है कि बैरक नंबर सात के अहाता नंबर दो में 61 कैदियों में से तीनों ने खुद से भागने की योजना बनाई. इस बीच, मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं जिसका नेतृत्व जालंधर के आयुक्त करेंगे. सिंह ने जेल मंत्री को जेल सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को निलंबित करने के भी निर्देश दिए हैं.

अधिकारी ने बताया कि उन्होंने एडीजीपी को राज्यभर में जेल की सुरक्षा की समीक्षा करने तथा उसे और मजबूत करने के लिए भी कहा. उन्होंने बताया कि तीनों की तलाश के लिए राज्यभर में अभियान चलाया गया है. अधिकारियों ने बताया कि जेल प्रशासन को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बैरक टूटने और कैदियों के दीवार कूदकर भागने के करीब दो घंटे बाद घटना के बारे में तड़के तीन बजकर 20 मिनट पर मालूम चला.

प्राथमिक सूचना के अनुसार, जेल के सुरक्षाकर्मियों को अन्य कैदियों के भागने की आशंका को लेकर चौकन्ना कर दिया गया है. इन कैदियों में भागे कैदी का एक भाई भी शामिल है. भागने वाले एक कैदी की पहचान अमृतसर, मजीठा रोड की आरा कॉलोनी के 22 वर्षीय विशाल के रूप में हुई है. उसके खिलाफ पिछले साल बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था.

डीजीपी ने कहा, ‘‘वह 05-04-2019 को जेल में आया था. अन्य दो भाई हैं जिनकी पहचान चंडीगढ़ रोड, खडूर साहिब, तरनतारन निवासी 34 वर्षीय गुरप्रीत और 25 वर्षीय जरनैल के रूप में हुई है.’’ उन्होंने बताया कि दोनों भाइयों पर चोरी तथा डकैती का आरोप है और उन्हें पिछले साल जुलाई में जेल में लाया गया था. डीजीपी ने बताया कि विशाल का भाई गौरव भी उसकी ही बैरक में है लेकिन वह उनके साथ नहीं भागा.