स्टॉकहोम: लेजर भौतिकी के क्षेत्र में आविष्कार को लेकर तीन वैज्ञानिकों को 2018 के भौतिकी विज्ञान के नोबेल पुरस्कार से नवाजे जाने की मंगलवार को घोषणा की गई. नोबेल पुरस्कार निर्णायक मंडल ने कहा कि इन वैज्ञानिकों के आविष्कार ने दृष्टिदोष को दूर करने के लिए नेत्र शल्य चिकित्सा में इस्तेमाल किए जाने वाले अत्याधुनिक औजारों को ईजाद किए जाने का मार्ग प्रशस्त किया. Also Read - Nobel Prize 2020 In Economic: रॉबर्ट विल्सन और पॉल मिलग्रोम को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में मिला नोबल पुरस्कार

अमेरिका के आर्थर आस्किन (96) को पुरस्कार राशि 10 लाख एक हजार डॉलर का आधा हिस्सा मिलेगा, जबकि शेष रकम फ्रांस के जेरार्ड मोउरो और कनाडा की डोना स्ट्रिकलैंड को संयुक्त रूप से मिलेगी.

आस्किन को ‘आप्टिकल ट्वीजर’ का आविष्कार करने के लिए इस पुरस्कार से नवाजा गया है. यह अणु, विषाणु और अन्य जीवित कोशिकाओं को अपने लेजर बीम फिंगर से पकड़ सकता है.

स्ट्रिकलैंड महिला हैं, जिन्हें भौतिकी का नोबेल मिला है. इन दोनों ने मिल कर ”अल्ट्रा शार्ट पल्सेस” पैदा करने वाली एक पद्धति विकसित की. ये मानव द्वारा अब तक बनाई गई सबसे छोटी और सबसे तेज लेजर पल्सेज हैं. उनकी तकनीक का इस्तेमाल अब नेत्र शल्य चिकित्सा में किया जा रहा है.

रसायन विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कारों की घोषणा बुधवार को की जाएगी. इसके बाद शुक्रवार को शांति पुरस्कार और सोमवार 8 अक्टूबर को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की घोषणा की जाएगी.

बता दें सोमवार को मेडिसिन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की गई थी. यह पुरस्कार कैंसर थेरेपी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने को लेकर दिया गया है.