बेंगलुरु: जद(एस) सुप्रीमो एच डी देवेगौड़ा ने मंगलवार को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के उस सुझाव को खारिज कर दिया कि राज्य को नया बजट पेश करने की बजाए पूरक बजट पेश करना चाहिए. पूर्व प्रधानमंत्री ने एक साक्षात्कार में बताया, “मैं सिद्धरमैया के सुझाव की आलोचना नहीं करना चाहता. उन्होंने पहले कई बजट पेश किए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री (एचडी कुमारस्वामी) कुछ नया नहीं कर रहे. उन्होंने कहा कि नई सरकार के लिए यह उचित है कि वह पूरक की बजाए नया बजट पेश करे.

कर्नाटक में बजट को लेकर कांग्रेस और जेडीएस के बीच टकराव अब भी जारी है. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया चाहते है कि जो बजट उन्होंने पेश किया था उसे ही कुमारस्वामी सरकार आगे बढ़ाए, नया बजट पेश न किया जाए. लेकिन कहा जा रहा है कि राहुल गांधी के हस्‍ताक्षेप के बाद कुमारस्वामी नए बजट की तैयारी में जुट गए हैं. विधानसभा में बजट को लेकर गहमा-गहमी जारी है. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी दुविधा में है कि भले ही राहुल गांधी की दखल के बाद वे नए सिरे से बजट बनाने में जुटे हो लेकिन इस बजट के भविष्य को लेकर तस्वीर साफ नहीं है.

29 जूून को आएगा साझा न्यूनतम कार्यक्रम
कर्नाटक में एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करने के लिए सत्तारूढ़ जद (एस) – कांग्रेस गठबंधन की समन्वय समिति द्वारा नियुक्त पांच सदस्यीय मसौदा समिति के 29 जून को एक आखिरी मसौदा लाने की संभावना है. मसौदा समिति के सदस्य और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने कहा, ‘‘29 जून को शाम साढ़े चार बजे हम इसे ( साझा न्यूनतम कार्यक्रम का मसौदा) अंतिम रूप देने की कोशिश करेंगे.’’ गौरतलब है कि सत्तारूढ़ जद (एस) – कांग्रेस की समन्वय समिति ने एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करने के लिए एक मसौदा समिति नियुक्त करने का फैसला किया था. मसौदा समिति द्वारा अपना मसौदा समन्वय समिति को सौंपे जाने के बाद उस पर चर्चा के बाद उसे मंजूर किए जाने की उम्मीद है. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया समन्वय समिति के अध्यक्ष हैं, जबकि जद (एस) महासचिव दानिश अली समन्वय समिति के संयोजक हैं.

भ्रामक स्थिति का फायदा नहीं उठाएगी भाजपा
इधर कर्नाटक भाजपा प्रमुख बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि उनकी पार्टी राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस – जद (एस) गठबंधन में चल रही चीजों को चुपचाप देखगी और भ्रामक स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश नहीं करेगी. पार्टी इसकी बजाय 2019 के लोकसभा चुनाव पर ध्यान केंद्रित करेगी. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलने के लिए अहमदाबाद की अचानक यात्रा करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि उनकी पार्टी एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगी और लोकसभा चुनाव में राज्य में अधिक से अधिक सीटें प्राप्त करने पर ध्यान देगी. उन्होंने कहा, ‘‘… भ्रामक स्थिति है … सिद्धारमैया ( कांग्रेस विधायक दल के नेता) कुछ बयान देते हैं और कुमारस्वामी ( मुख्यमंत्री) कुछ और बयान देते हैं। इस भ्रामक स्थिति में हम हस्तक्षेप नहीं करना चाहते.’’

गौरतलब है कि येदियुरप्पा की अहमदाबाद यात्रा ने इन अटकलों को हवा दी कि कांग्रेस के कई असंतुष्ट विधायक उनसे संपर्क में हैं और भाजपा में जाने को तैयार हैं तथा भगवा पार्टी राज्य में फिर से सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है. अपनी यात्रा पर स्पष्टीकरण देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि वह शाह को पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की 29 जून की बैठक के लिए आमंत्रित करने गए थे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस – जद (एस) एक दूसरे से लड़ रहे हैं. एक पूर्ण बजट पेश करने सहित कई मुद्दों पर दोनों के बीच मतभेद उभर कर सामने आए हैं. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के पास वित्त विभाग का भी प्रभार है. उनके पांच जुलाई को प्रथम बजट को पेश करने का कार्यक्रम है.

सिद्दरमैया का एक और वीडियो सामने आया
इधर कर्नाटक में एक वीडियो सामने आया है जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री एस सिद्दारमैया को राज्य की जद (एस) और कांग्रेस की गठबंधन सरकार के कार्यकाल पूरा करने को लेकर कथित संदेह व्यक्त करते हुए दिखाया गया है. क्षेत्रीय टीवी चैनलों की ओर से आज दिखाए गए वीडियो में सिद्दारमैया को सरकार के पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बारे में कथित संदेह प्रकट करते हुए सुना जा सकता है. जब एक शख्स सिद्दारमैया से सरकार के पांच साल का कार्यकाल पूरा करने की संभावनाओं के बारे में पूछता है तो वह कहते हैं , ‘‘ पांच साल …. मुश्किल है ….. देखते हैं कि (2019 में) संसदीय चुनावों के बाद क्या होता है.’’ यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब दो दिन पहले ही एक वीडिया सामने आया था जिसमें सिद्दरमैया कुछ कांग्रेस विधायकों के सामने नया बजट पेश करने को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए दिख रहे थे. इन दोनों वीडियो के सामने आने के बाद गठबंधन साझेदारों में असहज स्थिति पैदा हो गई है.

 

इनपुट: एजेंसी