नई दिल्ली: तिहाड़ जेल इन दिनों चर्चा में बना हुआ है. चर्चा की वजह है निर्भया के आरोपियों के फांसी की खबर. सूत्रों का कहना है कि जेल में फांसी घर की सफाई का काम हो रहा है. ऐसे में जल्लाद के खाली न होने या तिहाड़ न पहुंच पाने को लेकर भी चर्चाए हो रही थीं. इस बीच तिहाड़ जेले को 16 पत्र मिले हैं. इस पत्र में कहा गया है कि अगर जल्लाद नहीं रहा तो हम निर्भया के दोषियों को फांसी दे देंगे. चिट्ठी भेजने वालों में 2 ऐसे लोग भी शामिल हैं जो भारत के नहीं हैं.

निर्भया के दोषियों को इस जगह दी जा सकती है फांसी? तैयारियां शुरू

एक जेल अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि जेल प्रशासन को दिल्ली, गुरुग्राम, मुंबई, छत्तीसगढ़, केरल और तमिलनाडु से ये पत्र भेजे गए हैं. इसमें लंदन और अमेरिका के भी एक-एक पत्र शामिल हैं. चिट्ठी लिखने वालो में एक बुजुर्ग शख्स, एक वकील और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट शामिल हैं. हालांकि इस मामले पर तिहाड़ प्रशासन का कहना है कि हमें चिट्ठी लिखने वालों की जरूरत नहीं पड़ेगी. अगर फिर जरूरत पड़ी तो जैसा हमने अफजल गुरु के मामले मे किया था वैसा ही करेंगे. आपस में सलाह मशवरा किसी जेल प्रशासन के अधिकारी द्वारा ही यह काम भी किया जाएगा.

सप्ताहांत के दौरान, एक अपराधी पवन गुप्ता को भी मंडोली जेल से तिहाड़ स्थानांतरित कर दिया गया। बता दें कि तिहाड़ जेल के पास अपना कोई आधिकारिक जल्लाद नहीं हैं। पूर्व में, जेल ने मेरठ जेल के एक जल्लाद की सेवाओं का उपयोग किया है। बता दें कि तिहाड के तीन नंबर सेल में फांसी का तख्त है. यहां बारिश की वजह से पानी लग चुका था जिसके साफ-सफाई का काम बीते दिनो कर दिया गया. साथ ही बक्सर जेल को 10 फांसी के फंदों को तैयार करने का आदेश भी दिया जा चुका है.