उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (Aligarh Muslim University) के लिए इस साल का गणतंत्र दिवस बेहद खास और ऐतिहासिक होगा. इस दिन AMU के 100 साल के शानदार सफर को संजोए एक दस्तावेज से युक्त इस ‘टाइम कैप्सूल’ (Time Capsule) को विश्वविद्यालय परिसर में जमीन के अंदर रखा जाएगा.Also Read - भारत का डिजिटल विज्ञापन बाजार अगले दशक में 30 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा: रिपोर्ट

AMU के प्रवक्ता राहत अबरार ने बताया कि जिस दस्तावेज को टाइम कैप्सूल (काल पात्र) में रखा जाएगा, उसे विद्वानों के एक समूह ने तैयार किया है. इस दस्तावेज में वर्ष 1920 में मुस्लिम एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में तब्दील होने के बाद के यादगार सफर को इबारत की शक्ल दी गई है. Also Read - Maharashtra: शरजील उस्मानी के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट करने पर FIR दर्ज

उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ टन वजन के इस स्टील निर्मित कैप्सूल को विश्वविद्यालय परिसर के हृदय स्थल माने जाने वाले विक्टोरिया गेट के सामने 30 फीट की गहराई में रखा जाएगा. अबरार ने बताया कि एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के सूत्रधार होंगे. Also Read - AMU में 26 प्रोफेसर समेत 44 की कोरोना से मौत; वीसी को नए वैरिएंट का संदेह- जीनोम स्टडी के लिए ICMR को लिखा खत

वर्ष 1877 में सर सैयद अहमद खान द्वारा स्थापित मुस्लिम एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज के वजूद में आने के बाद भी ऐसा एक कैप्सूल कॉलेज परिसर में गाड़ा गया था. उसमें भी इस संस्थान की स्थापना से जुड़े इतिहास के दस्तावेज रखे गए थे. वर्ष 1920 में इस कॉलेज को संसद द्वारा कानून बनाकर विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया. हालांकि एएमयू प्रशासन ने यह स्पष्ट्ट नहीं किया कि इससे पहले गाड़े गए कैप्सूल को बाहर निकाला जाएगा या नहीं,

(इनपुट: भाषा)