तिरुपति/ तिरुवनंतपुरम: भारत के सबसे बड़े मंदिरों में शामिल केरल के भगवान अयप्पा मंदिर और आंध्र प्रदेश के भगवान वेंकटेश्वर मंदिर के द्वार केंद्र के दिशा-निर्देशानुसार अगले सप्ताह श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, हालांकि, इस दौरान कुछ प्रतिबंध लागू रहेंगे. Also Read - Breaking News: अमिताभ बच्चन हुए कोरोना संक्रमित, ट्वीट कर कहा- मुझसे जुड़े लोग फौरन कराएं जांच

तिरुपति में भगवान बालाजी मंदिर 80 दिन के बाद 11 जून को खुलेगा, जबकि केरल का सबरीमला मंदिर 9 जून से खोला जाएगा. बुजुर्गों और बच्चों को इनमें प्रवेश की अनुमति नहीं होगी और मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की सीमा तय की जाएगी. Also Read - ICMR का दावा, रेमडेसिविर, टोसिलिजुमैब का अत्यधिक इस्तेमाल फायदे से ज्यादा पहुंचा सकता है नुकसान 

तिरुपति में भगवान बालाजी मंदिर की प्रशासनिक इकाई टीटीडी ने बताया कि मंदिर 80 दिन के अंतराल के बाद 11 जून को श्रद्धालुओं के लिए द्वार खोलेगा. तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम मंदिर बेंगलुरु के सचिव के टी रामाराजू कहा, “भक्तों को सैनिटाइज़र प्रदान किया जाएगा और उनके तापमान को प्रवेश द्वार पर दर्ज किया जाएगा”. मंदिरों का स्वच्छताकरण पूरा हो चुका है. हमने भक्तों को सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक दो मीटर की दूरी पर मंदिरों के परिसर में जमीन पर हलकों को चिह्नित किया है. 60 और 100 के बीच भक्तों को एक घंटे में मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी. Also Read - Bengaluru Lockdown: बेंगलुरू में 14-23 जुलाई तक लागू हुआ लॉकडाउन, सिर्फ इन्हें होगी आने-जाने की इजाजत

टीटीडी ने बताया कि रोजाना केवल 6,000 श्रद्धालुओं को ही दर्शन की अनुमति होगी. इस दौरान छह फुट की दूरी का पालन किया जाएगा और मास्क पहनना अनिवार्य होगा. हर दिन दर्शन के लिए कुल 3,000 विशेष टिकट ऑनालाइन उपलब्ध होंगे. एक टिकट की कीमत 300 रुपए होगी. दर्शन के लिए बाकी 3,000 कोटा इससे अलग होगा और श्रद्धालु उपलब्ध समय के लिए पंजीकरण करा सकेंगे. दर्शन के लिए ऑनलाइन टिकट की बिक्री आठ जून से शुरू होगी.

कोविड-19 के मद्देनजर केवल 6,000 श्रद्धालुओं को ही अनुमति दी जाएगी. इस दौरान श्रद्धालु आपस में दूरी बनाए रखेंगे और उन्हें मास्क भी पहनना होगा. आम दिनों में यहां 60,000 से ज्यादा लोग एक दिन में दर्शन के लिए आते हैं.

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बताया कि सबरीमला मंदिर 9 जून से खोला जाएगा. कोरोना वायरस संक्रमण को काबू करने के लिए दोनों मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया था.