सहारनपुर/कोलकाता: नवनिर्वाचित टीएमसी सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां ने कहा है कि किसी को इस पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए कि वह क्या पहनती हैं, क्योंकि धर्म कपड़ों से परे होता है. एक्‍ट्रेस ने कट्टरपंथी मौलवियों की भी मुखालफत की, जिन्होंने उनके सिंदूर लगाने और मंगलसूत्र पहनने की आलोचना की है. देवबंद के मौलवियों के एक धड़े ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद के खिलाफ फतवा भी जारी किया. पश्चिम बंगाल के बसीरहाट की सांसद 25 जून को पहली बार संसद में सिंदूर लगाए हुई पहुंचीं और शपथ लेने के बाद उन्होंने वंदे मातरम कहा. Also Read - महामारी फैलने के बाद पहली बार आज बंगाल पहुंचेंगे जेपी नड्डा, चुनावी तैयारियों की लेंगे जानकारी, कार्यकर्ताओं को करेंगे संबोधित

नुसरत जहां (29) ने व्यवसायी निखिल जैन से जून में तुर्की में शादी की और इसके कुछ दिनों बाद उन्होंने संसद में शपथ ली. मौलवियों ने दावा किया कि जहां ने जैन धर्म में शादी कर इस्लाम का अपमान किया और उनके वस्त्र को गैर इस्लामिक बताया. Also Read - आजम खान को मिली बेल, अभी नहीं आ पाएंगे जेल से बाहर, MLA पत्‍नी और बेटे की रिहाई के आदेश

जामिया शेख उल हिंद के मुफ्ती असद कासमी ने दावा किया, मुस्लिमों की शादी मुस्लिमों में ही हो सकती है और वे केवल अल्लाह के सामने झुक सकते हैं. इस्लाम में वंदे मातरम, मंगलसूत्र और सिंदूर के लिए कोई जगह नहीं है और ये चीजें धर्म के खिलाफ हैं.

आलोचनाओं का जवाब देते हुए जहां ने शनिवार की रात को ट्वीट किया, किसी भी धर्म के कट्टरपंथियों के बयानों पर ध्यान देना या प्रतिक्रिया देना केवल नफरत और हिंसा को बढ़ावा देना है और इतिहास इसका गवाह है.

उन्होंने कहा कि वह समग्र भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं जो जाति, पंथ और मजहब के दायरे से परे है. उन्होंने कहा, मैं अब भी मुसलमान हूं और किसी को यह नहीं बताना चाहिए कि मैं क्या पहनूं. मजहब कपड़े से परे होता है. केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा की महिला नेताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने जहां का समर्थन किया है.