कोलकाता: नवनिर्वाचित तृणमूल कांग्रेस सांसद एवं अदाकारा नुसरत जहां को कोलकाता इस्कॉन रथयात्रा के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित किया गया है और उन्होंने इसे स्वीकार भी कर लिया है. समारोह गुरुवार को होगा. न्योता स्वीकार करने के लिए सांसद का शुक्रिया अदा करते हुए इस्कॉन के एक अधिकारी ने कहा कि आप प्रगतिशील मार्ग प्रशस्त कर रही हैं. इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमण दास ने कहा, रथयात्रा का निमंत्रण स्वीकार करने के लिए शुक्रिया नुसरत. आप प्रगतिशील मार्ग प्रशस्त कर रही हैं. धर्म और समावेश को लेकर अदाकारा और इस्कॉन का रुख एक सा है.

इस्कॉन 1971 से रथयात्रा का आयोजन करता रहा है और यह 48वीं यात्रा होगी. सांसद ने हाल ही में कोलकाता के एक उद्योगपति से शादी की थी, जिसके बाद संसद में शपथ के दौरान मंगलसूत्र पहने और सिंदूर लगाए पहुंचने पर वह सुर्खियों में आ गई थीं. अदाकारा और उनके पति अन्य फिल्म सितारों के साथ समारोह में मौजूद रहेंगे.

बता दें कि पश्चिम बंगाल के बसीरहाट की सांसद 25 जून को पहली बार संसद में सिंदूर लगाए हुई पहुंचीं और शपथ लेने के बाद उन्होंने ‘वंदे मातरम’कहा. इसके बाद देवबंद के मौलवियों के एक धड़े ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद के खिलाफ एक फतवा भी जारी किया था. 29 साल की नुसरत जहां ने व्यवसायी निखिल जैन से जून में तुर्की में शादी की और इसके कुछ दिनों बाद उन्होंने संसद में शपथ ली. मौलवियों ने दावा किया कि जहां ने जैन धर्म में शादी कर इस्लाम का अपमान किया और उनके वस्त्र को गैर इस्लामिक बताया था.

तृणमूल कांग्रेस की सांसद और बंगाली अभिनेत्री नुसरत जहां के सिंदूर लगाने, जैन धर्म के व्यक्ति से शादी करने और शपथ ग्रहण के दौरान वंदे मातरम बोलने पर देवबंदी उलमा ने आपत्ति जताते हुए दावा किया था कि इस्लाम में इनकी कतई गुंजाइश नहीं है.

देवबंदी उलमा और जामिया शेखुल हिन्द के मोहतमिम मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि सोशल मीडिया से इस बात की जानकारी मिली थी कि लोकसभा पहुंची नुसरत जहां ने शपथ ग्रहण के दौरान सिंदूर लगाया हुआ था और मंगलसूत्र पहना हुआ था. उन्होंने कहा, इस्लाम के मुताबिक मुसलमान सिर्फ मुसलमान से ही शादी कर सकता है किसी अन्य धर्म के व्यक्ति से नहीं. कासमी ने कहा, वंदेमातरम बोलना भी इस्लाम में जायज नहीं है, क्योंकि मुसलमान का सिर सिर्फ अल्लाह के सामने झुकता है.