TMC MP Santanu Sen suspended from Rajya Sabha for this entire Monsoon Session : मानसून सत्र में टीएमसी के राज्‍यसभा सांसद (Rajya Sabha MP) सांतनु सेन (TMC MP Santanu Sen) को सदन से आज निलंबित कर दिया गया है. टीएमसी सांसद शांतनु सेन को इस पूरे सत्र (Monsoon Session) के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया. एक दिन पहले गुरुवार को उन्होंने आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (IT Minister Ashwini Vaishnaw) से कागजात छीन लिए और उन्हें सदन में फाड़ दिया था. इस पर सरकार ने आज शुक्रवार को सेन को निलंबित करने का प्रस्ताव पेश था. वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.Also Read - BJP ने गठबंधन का ऐलान किया, अपना दल और निषाद पार्टी के साथ मिलकर UP विधानसभा का चुनाव लड़ेगी

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राज्यसभा के सभापति एम.वेंकैया नायडू ने राज्‍यसभा टीएससी सांसद के निलंबन के प्रस्‍ताव पारित होने पर घोषणा करते हुए कहा, ”सांसद शांतनु सेन को इस सत्र के लिए निलंबित किया जाता है. Also Read - Jharkhand News: रांची में सरेआम BJP नेता की गोली मारकर हत्या, भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की

राज्यसभा के सभापति (Rajya Sabha Chairman ) एम वेंकैया नायडू (M Venkaiah Naidu) ने कहा, सदन में हो रहे घटनाक्रम से मैं बहुत व्यथित हूं. दुर्भाग्य से, सदन की कार्यवाही मंत्री से छीन ली गई और टुकड़े-टुकड़े कर दी गई और सदन की कार्यवाही एक नए स्तर पर पहुंच गई. इस तरह की कार्रवाई हमारे संसदीय लोकतंत्र पर स्पष्ट हमला है.

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने टीएमसी सांसद शांतनु सेन से सदन से हटने का अनुरोध किया क्योंकि उन्हें सदन से निलंबित कर दिया गया है – एक प्रस्ताव पेश किया गया है और उसे मंजूरी दी गई है. राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक के लिए स्थगित हुई.


इस मामले पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ” TMC की बंगाल में हिंसा की संस्कृति है और वो ही संस्कृति वो संसद में लाने की कोशिश कर रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में भाजपा के कार्यक​र्ताओं पर जिस तरह की हिंसा की है, उसी संस्कृति को आज वो संसद में ला रहे हैं.

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, ”विपक्ष सड़क पर सिर फोड़ता है और सदन में कागज फाड़ता है. सवाल उठाते हैं, लेकिन जवाब सुनने को तैयार नहीं होते. कल की घटना लोकतंत्र को शर्मसार करती है. विपक्ष चर्चा से क्यों भाग रहा है?.

सूत्रों ने बताया था कि कि राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी विपक्षी सदस्यों के पास पहुंचे और उन्हें आश्वासन दिया कि मंत्री अपना बयान देने के बाद उनके सवालों का जवाब देंगे, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. वैष्णव पूरा बयान नहीं पढ़ पाए तो इसे पटल पर रख दिया गया और इसके बाद सदन को स्थगित कर दिया गया था. हालांकि, दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होने के कारण सदन में स्थिति तनावपूर्ण बनी रही थी. शांतनु सेन ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने राज्यसभा में उन्हें अपशब्द कहे और वह मारपीट करने वाले थे, लेकिन सहयोगियों ने उनको बचा लिया. सत्तारूढ़ भाजपा ने संसद में विपक्ष के आचरण की निंदा की थी.