बजट पेश होने से पहले आज सोमवार को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन और सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई गयी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अरुण जेटली समेत अन्य पार्टियों के कई बड़े नेता संसद में इस बैठक में शामिल होने पहुंचे। लेकिन इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस के सांसद शामिल नहीं हुए।

आज यहां बैठक में पीएम मोदी ने कहा, ”चुनाव के दौरान कुछ मुद्दों पर उभरे मतभेदों के बावजूद संसद में काम जारी रखना चाहिए।” कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि सरकार को बजट सत्र समय से पहले नहीं बुलाना चाहिए क्योंकि इससे विधानसभा चुनावों पर असर पड़ेगा। विपक्षी दलों ने मार्च में होने वाले बजट सत्र के दूसरे चरण से पहले एक और सर्वदलीय बैठक की मांग रखी। सरकार ने विपक्ष के इन आरोपों से इनकार किया कि बजट सत्र समयपूर्व किए जाने से सत्तारूढ़ पार्टी को पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में मदद मिलेगी और कहा कि उच्चतम न्यायालय और चुनाव आयोग ने इसकी मंजूरी दी है।

आज सर्वदलीय बैठक में शामिल न होने के बारे में पूछे जाने पर ब्रायन ने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि आज पार्टी सांसदों की भी बैठक है जो तृणमूल सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दस दिन पहले ही बुला ली थी। जब ब्रायन से पूछा गया कि इसे क्या पार्टी की ओर से बैठक का बहिष्कार माना जाए या फिर महज टाल देना समझा जाए तो उन्होंने कहा कि आप जो समझना चाहें, समझें। यह भी पढ़ें: बीजेपी: माल्या को माल दिलाने में मनमोहन और चिदंबरम ने की थी मदद

टीएमसी के सांसद 1 फरवरी को बजट पेश होने के दौरान भी संसद में शामिल नहीं होंगे इसके पीछे ममता बनर्जी ने बंगाल में सरस्वती पूजा को कारण बताया है। बता दें तृणमूल कांग्रेस, रोज वैली ग्रुप चिटफंड घोटाले में पार्टी के दो सांसदों सुदीप बंदोपाध्याय और तापस पाल को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने से नाराज हैं।