मुंबई में उस वक्त अचानक अफारा-तफरी मच जब लोगों को फायरिंग की आवाज सुनाई दी। पहले तो लगा की या एक गैंगवार है लेकिन कुछ ही देर में मुंबई के कई और ठिकानों पर ब्लास्ट और फायरिंग की खबर आने लगी। मुंबई पुलिस और लोग दोनों हैरान थे की अचानक मुंबई में हुआ क्या। लेकिन यह पूरा मामला कुछ ही समय में साफ़ हो गया की मुंबई पर आतंकी हमला हुआ है। जिसमे मुंबई के कई प्रमुख ठिकानों को टारगेट किया गया है। इस आतंकी हमलें में दो पांच सितारा होटलों, सीएसटी रेलवे स्टेशन और एक नर्मिन हाउस में यहूदी केंद्र पर हमला किया गया था। यह भी पढ़ें: ‘श्वेत क्रांति’ के जनक डॉ वर्गीज कुरियन के 94 वें जन्मदिन पर, गूगल ने डूडल बनाकर किया याद Also Read - महाराष्‍ट्र में COVID19 के 72 नए केस के साथ संक्रमितों का आंकड़ा 302

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26 नवंबर 2008 की वो काली रात जब देश की आर्थिक राजधानी पर आंतकी हमला हुआ था चरों तरफ से गोलियों के बीच लोग कुछ समझ नही पा रहें थी की आखिर क्या करें लेकिन आतंकीयों के इस हमले में महाराष्ट्र एटीएस के तत्कालीन प्रमुख हेमंत करकरे, सेना के मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, मुंबई पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त अशोक कामटे, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय सालस्कर सहित कई अन्य शहिद हो गए थे। इस आतंकी हमले को नाकाम करने के दिल्ली से एनएसजी कमांडो को बुलाया गया था और इस ऑपरेशन को पूरा करने में 60 घंटे लग गया। Also Read - अगर सरकार हां करे, प्रवासियों को दिल्ली,मुंबई से पटना छोड़ आएंगे : स्पाइसजेट

इस आतंकी हमले में 160 लोगों की मौत भी हुई थी। इसी आतंकी हमले में पाकिस्तान की काली करतूत भी सामने आ गई थी। इस आतंकी हमलें में कसाब नाम के आतंकी जिंदा पकड़ा गया था। जिसें बाद में यरवदा जेल में फांसी पर लटका दिया गया था। मुंबई पर हुए 26/11 आतंकी हमले की सातवीं बरसी पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित जहां महारष्ट्र के मुख्यमंत्री और पुलिस कमिश्नर श्रद्धांजली दे कर उनकी देश भक्ति को नमन किया।