नई दिल्ली. संचार उपग्रह जीसैट- 19 को लेकर जा रहे भारत के अब तक के सबसे अधिक वजनी रॉकेट जीएसएलवी एमके थ्री-डी1 का सोमवार को श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण कामयाब रहा. इसरो की नई कामयाबी पर वैज्ञानिक खुशी से झूम उठे. इसरो चीफ किरन कुमार ने इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी है. किरन कुमार ने इस दिन को राष्ट्र के लिए ऐतिहासिक करार दिया.

इसरो अध्यक्ष एस एस किरण कुमार ने कहा कि ये मिशन बेहद महत्वपूर्ण है. किरण कुमार ने बताया कि अब तक 2300 किलोग्राम से अधिक वजन के संचार उपग्रहों के लिए इसरो को विदेशी लॉन्चरों पर निर्भर रहना पड़ता था. उन्होंने बताया कि जीएसएलवी एमके थ्री-डी 4000 किलो तक के पेलोड को उठाकर जीटीओ और 10 हजार किलो तक के पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचाने में सक्षम है.