अहमदाबादः कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि के दो मामलों में शुक्रवार को यहां विभिन्न मजिस्ट्रेट अदालतों में पेश होंगे. इनमें से एक मामला कांग्रेस नेता द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ‘‘हत्या का आरोपी’’ कहने से संबद्ध है. वहीं दूसरा मामला, राहुल के इस दावे को लेकर है कि आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद पांच दिनों में अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक में 745.58 करोड़ रुपये मूल्य के चलन से बाहर किये गए नोट बदले गए थे.

अमित शाह इस बैंक के निदेशक हैं. इस मामले में एडीसी बैंक और उसके अध्यक्ष अजय पटेल ने मामला दायर किया था. इस मामले में उन्हें कोर्ट की तरफ से जमानत दी गई थी. कांग्रेस की गुजरात इकाई ने एक बयान में कहा कि राहुल शुक्रवार अपराह्न करीब ढाई बजे अदालत परिसर पहुंचेंगे. आपको बता दें कि इस मामले में इससे पहले कोर्ट ने जुलाई और अप्रैल में भी सुनवाई की थी.

मानहानि मामलाः विदेश से वापस लौटे राहुल गांधी, सूरत कोर्ट में हुए पेश, कोर्ट ने कही ये बात..

गृह मंत्री अमित शाह पर रुपयों के बदलने का आरोप राहुल गांधी और कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने लगाए थे. दोनों नेताओं ने ये आरोप एक आरटीआई के आधार पर लगाए थे जो कि एक एक्टिविस्ट के द्वारा दायर की गई थी. इसके विरोध में एडीसीबी और पटेल ने कोर्ट से कहा था बैंक के पास इतना रुपया ही नहीं था कि वह इतनी बड़ी रकम को बदल सके.

इस बीच, राहुल गांधी मानहानि के एक अन्य मामले में बृहस्पतिवार को यहां मजिस्ट्रेट अदालत में पेश हुए और उन्होंने खुद के बेगुनाह होने की बात कही. यह मामला एक चुनाव रैली के दौरान राहुल की एक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत उन्होंने कथित तौर पर कहा था ‘सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों होता है’ .