अमरनाथ यात्रा में शामिल होने वाले श्रृद्धालुओं के लिए इस बार टोकन सिस्टम शुरू किया जा रहा है। यह फैसला यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए किया गया है। टोकन पाने वाले यात्रियों को प्राथमिकता से पंजीकरण किया जाएगा। यह टोकन जम्मू रेलवे स्टेशन के पास संगम बैंक्वेट हाल से प्राप्त किए जा सकते हैं। गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था 1 जुलाई को रवाना किया जाएगा।
टोकन प्राप्त करने पर इसमें पंजीकरण, चिकित्सा आवेदन, सूचना पुस्तिका, और अन्य जरूरी सामान दिए जाएँगे। पंजीकरण केंद्रों पर यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन सिस्टम शुरू किया गया है। भगवती नगर जम्मू को यात्रियों का आधार शिविर बनाया गया है। आधार शिविर के पास सुरक्षा के सारे इंतजाम किए गए हैं। यहाँ से पहला जत्था 1 जुलाई को रवाना किया जाएगा। यात्रा दो मार्गों से तय की जाएगी इसमें बालटाल और पहलगाम रूट शामिल हैं। इन दोनों मार्गों से आधिकारिक रूप से 2 जुलाई से यात्रा शुरू होगी।
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इस साल अमरनाथ यात्रा दो जुलाई से शुरू होगी, जो 18 अगस्त तक चलेगी। यात्रा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पी. के. त्रिपाठी ने कहा कि पंजीकरण के बिना किसी भी तीर्थयात्री को इस यात्रा में शामिल नहीं किया जाएगा।त्रिपाठी ने कहा, “प्रत्येक तीर्थयात्री को पंजीकरण के लिए आवश्यक स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र देना होगा और यह अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) की वेबसाइट पर प्रदर्शित चिकित्सकों और मेडिकल संस्थानों द्वारा ही जारी होने चाहिए।”
उन्होंने कहा, “इस यात्रा में 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, 75 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धों और छह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को शामिल नहीं किया जाएगा।”मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि पवित्र धाम की यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर की सुविधा लेने वाले तीर्थयात्रियों के लिए पहले से किसी प्रकार का पंजीकरण करवाने की जरूरत नहीं है, लेकिन उनके पास अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र होना चाहिए।
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