नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर प्रशासन ने जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर लखनपुर सहित सभी पथकर चौकियों को समाप्त करने की मंगलवार को घोषणा की. यह फैसला नव वर्ष एक जनवरी 2020 से लागू हो जाएगा. इससे राज्य को सालना 1,500 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है. इस फैसले का व्यापारियों ने स्वागत किया है जबकि उद्यमियों ने इसे राज्य में औद्योगिक क्षेत्र की मौत का काला वारंट बताया.

इस निर्णय की घोषणा केंद्र शासित क्षेत्र प्रशासन के प्रधान सचिव (योजना,निगरानी और विकास) रोहित कंसल ने की. उन्होंने कहा कि सरकार सलाहकार के के शर्मा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाएगी जो सभी पक्षों के साथ विचार विमर्श कर के राज्य में उद्योगों की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाने के उपायों की सिफारिश करेगी. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने 1 जनवरी 2020 से सभी टॉल नाकों (पथकर चौकियों) को समाप्त करने का निर्णय लिया है. इसमें लखनपुर और रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर बने नाके भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इससे 1,500 करोड़ रुपये के राजस्व की वार्षिक हानि होने का अनुमान है.

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प्रशासन ने फरवरी में एक समिति बना कर उसे जम्मू-कश्मीर में आने वाली और स्थानीय स्तर पर उत्पादित और यहां से निर्यातित विभिन्न वस्तुओं,पर लगाए जाने वाले पथकर का अध्ययन कर उसमें संशोधन या परिवर्तन की जरूरत के बारे में सुझाव देने की जिम्मेदारी दी थी. जम्मू स्थित बारी ब्राह्मन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीबीआईए) ने इस फैसले पर गंभीर चिंता जताई है. उसने इसे स्थानीय उद्योगों को नष्ट करने का प्रयास बताया.