‘Toolkit’ Case: दिल्ली की एक अदालत ने 21 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को यहां निकिता को अदालत में पेश किया और तीन दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की थी.Also Read - Delhi's first electric BUS: दिल्ली की सड़कों पर दौड़ी पहली इलेक्ट्रिक बस, मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर लोगों से की अपील

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को यहां की एक अदालत को बताया कि जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि टूलकिट मामले में पूछताछ के दौरान जवाब देने में आनाकानी कर रही है और उसने सारा दोष सह-आरोपी निकिता जैकब और शांतनु मुलुक पर मढ़ दिया. पुलिस ने कहा कि मामले में सह-अभियुक्त शांतनु को नोटिस दिया गया है, जो 22 फरवरी को जांच में शामिल होंगे, जिसके बाद दोनों का आमना-सामना कराया जाएगा. Also Read - Weekend Curfew in Delhi: राजधानी में अगले 55 घंटे तक गैर-आवश्यक गतिविधियों पर रहेगी रोक

लोक अभियोजक इरफान अहमद ने अदालत को बताया, “वह जवाब देने में आनाकानी कर रही है. हमने सह-आरोपी शांतनु को नोटिस दिया है, जो 22 फरवरी को जांच में शामिल होंगे. उसका सह-अभियुक्त के साथ आमना-सामना करवाया जाएगा.” Also Read - IED in Ghazipur Flower Market: गाजीपुर फूल मंडी में मिले आईईडी में कराया गया नियंत्रित ब्लास्ट

जिसके बाद शाम 4 बजे अपने फैसले में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट आकाश जैन ने पुलिस की अर्जी पर दिशा को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इससे पहले 21 वर्षीय कार्यकर्ता को उसकी पांच दिन की पुलिस हिरासत के अंत में कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया था.

किसानों के विरोध से संबंधित सोशल मीडिया पर ‘टूलकिट’ साझा करने और संपादित करने के आरोप में दिशा रवि को 13 फरवरी को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था.

फिर उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. दिल्ली पुलिस ने प्रो-खालिस्तानी ग्रुप – पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन और उसके सक्रिय सदस्यों की पहचान करने और हटाए गए व्हाट्सएप ग्रुप को फिर से प्राप्त करने के लिए हिरासत की मांग की थी.