नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद को खत्म करने के लिए पिछले कई दिनों से दोनों ही देशों के बीच में सैन्य स्तर पर बातें चल रही हैं. इन सब बैठकों का बॉर्डर पर कुछ असर भी देखने को मिल रहा है लेकिन अभी हालात पूरी तरह से नार्मल नहीं हुए हैं. दोनों ही देशों की तरफ से डिस्इंग्गेजमेंट स्टार्ट हो गई है, लेकिन चीन फिंगर फाइव से पीछे हटने को फिलहाल तैयार नहीं है. इसे देखते हुए भारत अभी भी पूरी तरह से सतर्क है.Also Read - PAK बॉर्डर से लगे राजस्‍थान में NH पर IAF के फाइटर्स जेट्स की लैंडिंग, रक्षा मंत्री बोले-भारत किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हमेशा तैयार

अब इस सप्ताह वायु सेना के टॉप कमांडर चीन सीमा विवाद के हालात को लेकर बैठक करेंगे. वायु सेना के शीर्ष कमांडर्स की यह बैठक पूर्वी लद्दाख में होगी. इस बैठक में अभी तक के हालात, चीन के साथ हुई बात के परिणाम और चीन द्वारा तनाव को कम करने के लिए उठाए गए कदम पर विस्तार से चर्चा होगी. माना जा रहा है कि इस बैठक में ही भारत अपनी आगे की रणनीति भी तैयार करेगा. Also Read - मंत्रिमंडल ने वायुसेना के लिए 56 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद को दी मंजूरी, 40 विमान देश में ही बनेंगे

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अगले सप्ताह विश्व का सबसे खतरनाक फाइटर प्लेन राफेल भी भारत आ रहा जिसकी तैनाती लद्दाख में की जानी है तो इस बैठक मे राफेल पर भी वायुसेना के अधिकारी बात करेंगे.

शीर्ष कमांडर की यह बैठक 22 जुलाई से शुरू होगी जो दो दिनों तक चलेगी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इस बैठक में मुख्य तौर पर पूरा फोकस चीन की रणनीति पर ही होगा. इस बैठक मे राफेल के तुरंत तैनाती और उसके संचालन को लेकर भी विचार विमर्श किया जाएगा.