नई दिल्ली: कश्‍मीर घाटी में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के दो दिन बाद बुधवार को जम्मू एवं कश्मीर के सोपोर जिले में सुरक्षा बलों ने एक आतंकवादी असिफ को मार गिरायाह है. जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने कहा कि एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद आतंकवादी को मार गिराया गया. वह लश्‍कर के आतंकियों में टॉप में था. कश्मीर जोन पुलिस ने ट्वीट किया, “सोपोर अपडेट: एक संक्षिप्त मुठभेड़ में सोपोर में एक आतंकवादी को मार गिराया गया. बाद में आगे की जानकारी दी जाएगी.” सूत्रों के अनुसार, यह आतंकवादी पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा से जुड़ा था और घाटी में सक्रिय था.

जम्मू एवं कश्मीर पुलिस, सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सहित अन्य सुरक्षा बलों ने 9 सितंबर को लश्कर के एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के बाद सोपोर क्षेत्र से आठ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था.

सोपोर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जावेद इकबाल ने कहा कि इन आतंकियों ने स्थानीय लोगों को व्यापार, यात्रा, स्कूलों या कार्यालयों के लिए अपने घरों से बाहर न निकलने की धमकी देने वाले पोस्टर छापने की साजिश रची थी. वे इन पोस्टरों को स्थानीय गांवों में बंटवाते थे.

कश्मीर घाटी के बरामूला जिले के सोपोर से लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों के आठ सहयोगियों को पोस्टर वितरित कर स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, “पुलिस ने सोपोर में पोस्टर प्रकाशित कर स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने में शामिल आतंकवादियों के आठ सहयोगियों को गिरफ्तार किया है.”

ये पोस्टर कश्मीर के कुछ हिस्सों में लगाए गए हैं, जिसमें ‘नागरिक कर्फ्यू’की बात कही गई है और लोगों से ‘सविनय अवज्ञा’ करने को कहा है. उन्होंने कहा कि उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर इलाके में इन पोस्टरों के नजर आने के बाद इनकी गिरफ्तारी हुई. इन पोस्टरों में स्थानीय लोगों को धमकाया गया था.

प्रवक्ता ने कहा कि शुरुआती जांच में यह पाया गया कि इस मामले में आतंकवादियों के आठ सहयोगी- एजाज मीर, उमर मीर, तौसीफ नजर, इम्तियाज नजर, उमर अकबर, फैजान लतीफ, दानिश हबीब और शौकत अहमद मीर- शामिल थे.

उन्होंने कहा, इन लोगों ने ये धमकी भरे पोस्टर तैयार किए और उन्हें इलाके में प्रसारित किया. यह माना जा रहा है कि एक सक्रिय स्थानीय आतंकी सज्जाद मीर उर्फ हैदर व उसके सहयोगी मुदस्सिर पंडित और आसिफ मकबूल भट इस मामले के मास्टर माइंड थे, जिनके कहने पर इन पोस्टरों का प्रकाशन और प्रसारण हुआ. ये तीनों प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा से जुड़े हैं.