नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को विदेशी मीडिया से संबद्ध पत्रकारों से बात की और बताया कि संघ की प्राथमिक भूमिका ‘राष्ट्र निर्माण’ है. कई प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशनों के सदस्यों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया. विदेशी प्रेस के लगभग 80 सदस्य अलग-अलग 30 देशों से आए थे.

आरएसएस मीडिया प्रचार सेल के प्रमुख अरुण कुमार ने इस बैठक को उस सतत प्रक्रिया का हिस्सा बताया, जिसमें सरसंघचालक समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ रचनात्मक बातचीत करते हैं.

कार्यक्रम के प्रारूप के अनुसार, भागवत ने कार्यक्रम की शुरुआत अपने संबोधन के बाद प्रश्न-उत्तर सत्र से की. सत्र ढाई घंटे से अधिक समय तक चला. यह एक ऑफ-कैमरा और ऑफ-द-रिकॉर्ड ब्रीफिंग रही.

विदेशी रेडियो नेटवर्क के एक पत्रकार ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा, “हमसे अनुरोध किया गया कि चर्चा की सामग्री का खुलासा न किया जाए. मैं सिर्फ यही कह सकता हूं कि उन्होंने (भागवत ने) हमें वह दर्शाया जो वह आरएसएस को लेकर मानते हैं. उन्होंने सभी प्रश्नों को उदारतापूर्वक लिया.”

इस दौरान भागवत के अलावा मनमोहन वैद्य, कृष्ण गोपाल और उत्तर भारत संभाग के प्रमुख सहसरकार्यवाह बजरंग लाल गुप्ता जैसे आरएसएस नेता उपस्थित रहे.