नई दिल्ली: केंद्रीय पर्यटन मंत्री के जे अल्फोंस ने फिर एक विवादित बयान दिया है. असुरक्षित सड़कों की चर्चा करते हुए उन्होंने गुरुवार को कहा कि आलीशान कारों में चलने वाले लोग सड़कों पर सबसे उद्दंड होते हैं. देश में असुरक्षित सड़कों के कारण घातक सड़क हादसों में हर साल करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है. चार दिन पहले उन्होंने आधार को लेकर भी एक विवादित बयान दिया था. अल्फोंस ने कहा था कि वीजा के लिए नंगे होने में लोगों को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन आधार के लिए बायोमीट्रिक्स देने में समस्या आती है. Also Read - फिरोजाबाद में भीषण सड़क हादसा, ट्रक ने कार को मारी टक्कर, 3 की मौत

राष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित सड़क परिवहन पर दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि भले ही टैक्सी चालकों को सुरक्षित पद्धतियों के बारे में प्रशिक्षित करना एक अच्छा विचार है, पर सड़कों पर महंगे आटोमोबाइल चलाने वाले लोगों को प्रशिक्षित करना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, ‘कई बार मैंने यह महसूस किया कि आलीशान कारों में चलने वाले लोग सबसे अधिक उद्दंड होते हैं और हम टैक्सी चालकों पर आरोप लगाते हैं. वास्तव में गुडइयर (जिसने सड़क परिवहन शिक्षा संस्थान के साथ सड़क सुरक्षा कार्यक्रम शुरू किया) को पहले लखपतियों को प्रशिक्षित करना चाहिए.’ Also Read - चीन में मोदी के मंत्री ने कहा-लिंचिंग से देश की छवि को पहुंचता है नुकसान

अल्फोंस ने कहा, ‘‘हमें लगता है कि हमारे पास आलीशान कार आ गई तो हम सारी दुनिया के मालिक हो गए. हमारे पास फुटपाथ पर सो रहे लोगों को कुचलने का अधिकार आ गया. निश्चित तौर पर वकील हैं जो तथ्यों को तोड़ मरोड़ देंगे और एक गरीब व्यक्ति को ले आएंगे जो कहेगा कि वाहन वह चला रहा था…हमने भारत में कई मशहूर मामले देखे हैं. हम सभी को बदलना होगा.’’ Also Read - Honda will make people aware of road safety across the country | देश भर में लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगी होंडा

उन्होंने यह भी कहा कि बदलाव बड़े लोगों से होना चाहिए तथा उन्होंने एक मंत्री के रूप में उन्हें सुरक्षा प्रदान कराए जाने के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया. अल्फोंस ने कहा, ‘देश के बेचारे पर्यटन मंत्री को कौन मारना चाहता है? इसमें बहुत हद तक अपने को महत्व देने की भावना है. हां, कुछ लोगों की सुरक्षा की जरूरत है..प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, गृह मंत्री..उनकी सुरक्षा से समझौता नहीं हो सकता.’ उन्होंने यह भी कहा कि जब उनके आसपास सुरक्षाकर्मी चलते हैं तो वह असहज महसूस करते हैं.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिक वैश्विक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बेहतर एवं सुरक्षित सड़कों को विकसित करने की जरूरत है.