नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस को गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा से संबंधित अब तक 1,700 वीडियो क्लिप और सीसीटीवी फुटेज जनता से प्राप्त हुई हैं तथा इस सामग्री का विश्लेषण करने और दोषियों की पहचान करने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है.Also Read - Bulli Bai App Case: बुल्ली बाई एप के आरोपी सु्ल्ली डील एप में भी थे शामिल, मुंबई पुलिस ने कोर्ट को दी ये जानकारी

संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) बी. के. सिंह ने शनिवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि लालकिले और आईटीओ पर हुई हिंसा से जुड़े नौ मामलों की जांच कर रही अपराधा शाखा मोबाइल फोन कॉल के ‘डंप डेटा’ और ट्रैक्टरों की पंजीकरण संख्या की भी जांच कर रही है. Also Read - गाजीपुर में IED मिलने का मामला: टेलीग्राम पर अलकायदा से जुड़े संगठन ने ली जिम्मेदारी, दिल्ली पुलिस जांच में जुटी

सिंह ने कहा कि नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी की एक टीम को हिंसा से संबंधित वीडियो क्लिप और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने के लिए बुलाया गया है. हिंसा में 394 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे और एक प्रदर्शनकारी की मौत भी हो गई थी. दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को प्रमुख समाचार पत्रों में एक अपील जारी की थी जिसमें लोगों से हिंसा के बारे में कोई सबूत या जानकारी साझा करने के लिए कहा गया था. Also Read - Traffic advisory Republic Day Parade 2022: गणतंत्र दिवस परेड रिहर्सल को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, दिल्ली के इन रास्तों पर आवाजाही रहेगी बंद

सिंह ने कहा, ‘‘हमारी अपील के बाद, दिल्ली पुलिस को गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा से संबंधित 1,700 वीडियो क्लिप और सीसीटीवी फुटेज जनता से मिली हैं. वीडियो के माध्यम से, हम हिंसा में लिप्त रहे व्यक्तियों की पहचान करेंगे.’’

दिल्ली पुलिस ने 26 जनवरी के दिन ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में अब तक 38 मामले दर्ज किए हैं और 84 लोगों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में निकाली गई ट्रैक्टर परेड में हिंसा की वजह से दिल्ली में 26 जनवरी के दिन अफरातफरी मच गई थी. अनेक प्रदर्शनकारी लालकिला परिसर में घुस गए थे तथा वहां ध्वज-स्तंभ पर अपना झंडा लगा दिया था जहां प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं. पुलिस ने शुक्रवार को नौ किसान नेताओं से जांच में शामिल होने को कहा था, लेकिन कोई भी पुलिस के पास नहीं पहुंचा.