Delhi Violence: नई दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के नाम पर बीते कल कुछ उपद्रवियों द्वारा खूब उत्पात मचाया गया. एक तरफ कुछ किसान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे वहीं दूसरी तरफ कुछ किसान पुलिस के खिलाफ हिंसक हो उठे. इस दौरान उपद्रवियों द्वारा लाल किले पर निशान साहिब और किसान संगठनों का झंडा फहराया गया. राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा (Delhi Violence) मामले में गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने आज उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है. बता दें कि इस बैठक में IB के निदेशक भी शामिल होंगे. बता दें कि मंगलवार को हुई ऐसी ही बैठक में पैरा मिलिट्री फोर्स की 15 अतिरिक्त कंपनियों को तैनात करने का फैसला लिया गया है. Also Read - Balakot Air Strikes Anniversary: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने एयरफोर्स को किया सैल्‍यूट

बता दें कि माहौल सबसे ज्यादा तब गरमाया जब ITO पर उप्रद्रवियों द्वारा पुलिस के साथ भिड़ंत हुई और पुलिस के वाहनों को क्षति पहुंचाया गया. हालांकि पुलिस व सुरक्षाबलों द्वारा काफी संयम से काम लिया गया. इस दौरान कई तस्वीरें व वीडियो ऐसे भी सामने आए जहां सुरक्षाबलों को पिटते दिखाया गया वहीं कुछ उपद्रवी किसान बोलकर इस रैली में घुसे और पुलिस पर तलवारों, लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया. Also Read - IND vs ENG: Amit Shah की दिली तमन्ना, पिंक बॉल टेस्ट में दोहरा शतक जड़ें Cheteshwar Pujara

हालांकि इस दौरान कुछ किसानों ने पुलिसकर्मियों व सुरक्षाबलों की मदद भी. एक तस्वीर में एक सुरक्षाबल के सिर पर चोट लगी है जिस कारण वह खून से लथपथ दिखाई पड़ रहा है. उसे एक सिख किसान वहां से निकालकर ले जाता दिखाई पड़ रहा है. Also Read - Coronavirus India Updates: सरकार ने बताया- महाराष्ट्र और केरल में Covid-19 के दो नए वैरिएंट आये सामने, लेकिन...

बता दें कि इन सब मामलों के बीच कांग्रेस के लुधियाना से सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया है कि हिंसा करने वाले सभी लोग सिख फॉर जस्टिस से जुड़े खालिस्तानी समर्थक लोग हैं. सासंद का कहना है कि उन्होंने एक दिन पहले ही पूरे आंदोलन को हाईजैक कर लिया था.