नई दिल्‍ली: पूरे देश के खुदरा विक्रेताओं और व्यापारियों ने फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट सौदे और अमेज़ॅन के खिलाफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के बैनर तले आज नई दिल्ली के जंतर मंतर में विरोध-प्रदर्शन करेंगे. व्यापार मंडल ने खुदरा में विदेशी निवेश के विरोध और एकल बिंदु जीएसटी की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है. साथ ही अखिल भारतीय व्यापारियों (सीएआईटी) के संगठन ने 28 सितंबर को भारत बंद करने का ऐलान किया है. Also Read - लॉकडाउन के चलते लीडिंग शॉपिंग साइट ने बंद की डिलिवरी, कस्टमर्स होंगे परेशान

डीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापारियों का दावा है कि वॉलमार्ट और अमेज़ॅन जैसे बहुराष्ट्रीय दिग्गजों को पिछले दरवाजे से प्रवेश देकर सरकार छोटे व्यापारियों का प्रतिनिधित्व खत्‍म करना चाहती है. फेडरेशन ने दावा किया कि खुदरा क्षेत्र में एफडीआई आने से व्‍यापारियों और दुकानदारों की आजीविका खतरे में पड़ गई है. मौजूदा नियम वॉलमार्ट को भारत में काम करने की इजाजत नहीं देते हैं, लेकिन फ्लिपकार्ट में हिस्सेदारी खरीदने के बाद यह पिछले दरवाजे से बाजार में उतरने की तैयारी कर रहा है. इसी तरह, अमेज़ॅन भी खुदरा और थोक व्‍यापारियों के हक पर वार कर रहा है. Also Read - पुलवामा आतंकी हमला: देसी बम बनाने के लिए Amazon से मंगाए गए थे रसायन, NIA ने किया खुलासा

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1000 से ज्‍यादा व्‍यापारी लेंगे हिस्‍सा
एफएआईवीएम के राष्ट्रीय महासचिव वीके बंसल ने कहा कि पूरे देश के 1,000 से ज्यादा व्यापारियों और लगभग आधा दर्जन निजी व्यवसायी आज विरोध-प्रदर्शन में हिस्‍सा लेंगे. यह प्रदर्शन भारतीय बाजार में खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के खिलाफ है. वॉलमार्ट जैसी कंपनियां छोटे व्यापारियों के कारोबार को प्रभावित कर रही हैं. बंसल ने कहा कि इन कंपनियों ने डोर टू डोर सर्विस को भी बढ़ावा दिया है, जो अवैध है. इसके अलावा लगभग 60% छूट की पेशकश कर ऑनलाइन दवाइयां बेचने से महाराष्ट्र के कैमिस्‍ट और ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन 28 सितंबर को भारत बंद में भी भाग ले रहा है. एसोसिएशन को डर है कि देश भर में लगभग 8.5 लाख पारंपरिक फार्मेसियों को उनकी आजीविका से वंचित कर दिया जाएगा.