नई दिल्लीः दूरसंचार नियामक ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों से प्रीपेड ग्राहकों की वैधता अवधि बढ़ाने के लिए कहा है, ताकि 21 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान ग्राहकों को निर्बाध सेवा मिल सके. भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने ऐसे ग्राहकों को ‘प्राथमिकता के साथ’ निर्बाध दूरसंचार सेवाएं देने पर कंपनियों की पहल की भी जानकारी मांगी है. Also Read - कोविड-19 से पीड़ित मरती मां के लिए बेटे ने गाया गाना 'तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई…' पोस्ट पढ़कर लोग हुए इमोशनल

ट्राई ने रविवार को सभी कंपनियों से कहा, ‘‘ सार्वजनिक बंद के दौरान प्रीपेड ग्राहकों को निर्बाध सेवाएं मिल सकें इसके लिए आपको उनकी वैधता बढ़ाने समेत अन्य आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है.’’ ट्राई का यह निर्देश 21 दिन की राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान लोगों को रिचार्ज कूपन और अन्य भुगतान विकल्पों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के क्रम में आया है. Also Read - दिल्ली में हालात सुधारे, 24 घंटे में 308 लोगों की मौत, 10,489 नए मामले

कोरोना वायरस के सामुदायिक फैलाव को रोकने के लिए सरकार ने देशभर में 24 मार्च को 21 दिन की राष्ट्रव्यापी बंद की घोषणा की थी. ट्राई ने कहा, ’’ दूरसंचार सेवाओं को अनिवार्य सेवाओं के दायरे में रखा गया है और उसे इस बंद से छूट दी गयी है. हालांकि इस बंद से ग्राहक देखभाल केंद्रों और बिक्री केंद्रों पर विपरीत प्रभाव पड़ा है.’’ Also Read - Yuzvendra Chahal के पिता कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद अस्‍पताल में भर्ती, पत्‍नी Dhanashree ने दी जानकारी

नियामक ने कहा कि ऐसे में संभावना है कि प्रीपेड ग्राहक अपना टॉपअप या वैधता बढ़वाना चाहें. इसमें ऑफलाइन इन सुविधाओं का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है या उनकी सेवा बाधित हो सकती है. इसलिए ट्राई ने कंपनियों को वैधता बढ़ाने पर विचार करने के लिए कहा है.