वडोदरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के दौरान गुजरात में 2002 में घटित हुए गोधरा ट्रेन अग्नि कांड का दृश्य फिल्माने के लिए रविवार को रेलवे के उपयोग में नहीं आ रहे एक कोच में आग लगाई गई. पश्चिम रेलवे के एक अधिकारी ने इस कोच को ‘छद्म अभ्यास बोगी’ बताया है. फिल्म क्रू के निर्देश पर इसमें आग लगाई गई. फिल्म क्रू ने कहा है कि शूटिंग के बाद इसे उसी स्थिति में लौटाया जाएगा जैसा यह मुहैया कराया गया था.

बता दे कि 27 फरवरी 2002 को घटित गोधरा ट्रेन अग्निकांड में 59 कारसेवक मारे गए थे. इसके बाद गुजरात के इतिहास के सबसे भीषण सांप्रदायिक दंगे भड़के गए थे, जिसमें एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय के थे. प्रधानमंत्री मोदी उस वक्त गुजरात के मुख्यमंत्री थे.

वडोदरा रेलवे मंडल के प्रवक्ता खेमराज मीणा ने सोमवार को कहा, डॉक्यूमेंट्री के लिए उपलब्ध कराया गया कोच छद्म अभ्यास बोगी है, जिसका इस्तेमाल नहीं होता है. फिल्म की क्रू को इसे इस शर्त पर दिया गया कि वह इसे उसी स्थिति में लौटाएंगे, जैसी स्थिति में दिया गया था. हमने इसके इस्तेमाल के लिए शुल्क के रूप में रुपये लिए हैं.

डॉक्यूमेंट्री के निर्देशक उमेश शुक्ला ने कहा कि गोधरा में ट्रेन जलाने का दृश्य पश्चिम रेलवे के प्रतापनगर स्टेशन पर शूट किया गया है और वहां कोच केयर सेंटर के पास इसके लिए सेट बनाया गया था. मीणा ने बताया कि डॉक्यूमेंट्री के निर्माताओं को शूटिंग के लिए चार दिन की इजाजत दी गई है. उन्होंने कहा कि पश्चिम रेलवे के स्टेशनों पर सोमवार को शूटिंग का अंतिम दिन है.