नई दिल्ली. अमृतसर में दशहरा की शाम रावण दहन के दौरान रेल हादसे में कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले में जीआरपी ने एफआईआर दर्ज कर ली है. पूछताछ में ट्रेन के ड्राइवर ने बताया कि उसने भीड़ देख इमरजेंसी ब्रेक लगाया था. लेकिन ट्रेन रुकी नहीं और गुस्साए लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. उसने हॉर्न बजाने की भी बात कही. Also Read - अमृतसर हादसा: रेलवे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाएगा, बजट नहीं बनेगा बाधा

न्यूज एजेंसी एएनआई ने ड्राइवर अरविंद कुमार की चिट्ठी जारी की है. इसमें उसने अपनी सफाई लिखते हुए कहा है कि वहां ग्रीन सिग्नल था, इसलिए वह सामान्य स्पीड से आगे बढ़ा. जोड़ा फाटक के पास उन्हें डपल येलो लाइट दिखी, जिसके बाद उसने स्पीड कम की. हालांकि, इस दौरान कुछ ही दूरी पर उसे ट्रैक पर भीड़ दिखी. इसे देखते ही इमरजेंसी ब्रेक लगाया, और हॉर्न बजाया. लेकिन लोग उसकी चपेट में आ ही गए. उसने कहा कि गाड़ी लगभग रुकने वाली थी, लेकिन लोगों ने उसपर पत्थर बाजी शुरू कर दी. Also Read - अमृतसर ट्रेन हादसा: मुख्य आयोजक पार्षद विजय मदान भूमिगत

अमृतसर पहुंच ड्राइवर ने सूचना दी
ड्राइवर के मुताबिक, पत्थरबाजी को देखते हुए उसने यात्रियों की सुरक्षा के लिए गाड़ी आगे बढ़ाने का फैसला किया. अमृतसर स्टेशन पहुंचते ही उसने सीनियर अधिकारियों को इस बारे में पूरी जानकारी दी. बता दें कि इस मामले में जीआरपी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 304, 304 ए और 338 के तहत मामला दर्ज किया है.

नवजोत कौर सिद्धू ने ये कहा
हादसे से पहले कार्यक्रम स्थल का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर कांग्रेस नेत्री और पूर्व सांसद नवजोत कौर सिद्धू दिख रही हैं. नवजोत कौर सिद्धू से ट्रैक पर मौजूद लोगों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कई बार इस संबंध में घोषणा की गई. लोगों से धोबी घाट ग्राउंड की ओर जाने के लिए कहा गया जहां रावण दहन होना था.