नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने जजों पर निशाना साधने की बढ़ती परंपरा को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि यह बंद होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में अवमानना के दोषी वकील को सजा के तौर पर केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए सहायता राशि दान करने का भी निर्देश दिया. शीर्ष अदालत ने साथ ही संकेत दिए कि प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ हितों के टकराव का मुद्दा उठाने वाले एक संगठन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है. परमार्थ संगठन ‘भारतीय मतदाता संगठन’ ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि संवैधानिक नैतिकता के बावजूद, सीजेआई के एक रिश्तेदार जो कि ओडिशा से सांसद हैं, यहां अदालतों और न्यायाधिकरणों में एक वरिष्ठ वकील के रूप में वकालत कर रहे हैं. Also Read - मध्य प्रदेशः युवती का गंभीर आरोप- '10 दिनों तक लॉकअप में रखकर 5 पुलिसकर्मी करते रहे रेप', जांच शुरू

सीजेआई, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने नौ जुलाई को भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर जनहित याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा. इस याचिका में सांसदों-विधायकों के वकील के रूप में वकालत करने पर प्रतिबंध की मांग की गई थी. जनहित याचिका पर संगठन द्वारा दायर अंतरिम याचिका पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पीठ ने कहा, ‘‘न्यायाधीशों पर निशाना साधना परंपरा बन गई है. यह परंपरा रुकनी चाहिए. अगर आपको आरोप लगाने हैं तो कृपया शुरुआत में लगाइए ताकि हम उनसे निपट सकें. Also Read - SC ने पराली जलाने पर रोक के लिए Retd Justice की अगुवाई में पैनल का गठन किया, SG ने विरोध किया

बेंच ने अवमानना के दोषी पाए वकील के खिलाफ जवाबदेही तय करने के क्रम में वरिष्ठ वकील शेखर नापहाड़े ने कहा कि इन दिनों जजों की आलोचना का ट्रेंड बन गया है. अवमानना के दोषी वकील ने जब कोर्ट से रहम की गुहार लगाई तो बेंच ने कहा, ‘अटॉर्नी जनरल ने केरल बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए 1 करोड़ की राशि दान की है. आपने अब तक क्या किया?’ तब वाधवन ने कहा कि वह 50 हजार की रकम दान करना चाहते हैं. Also Read - HC ने छेड़छाड़ के आरोपी को युवती से राखी बंधवाने की शर्त पर दी थी बेल, SC ने जारी किया नोटिस

जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ ने कहा, ‘अवमानना का दोषी करार करते हुए हमें खुशी नहीं मिलती, लेकिन इन दिनों जजों की आलोचना का यह एक ट्रेंड बन गया है. हम इस प्रवृति को बढ़ावा नहीं दे सकते हैं.’ वाधवान ने सुनवाई से पहले ही बिना किसी शर्त के माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें अपनी गलती का अहसास है. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी.