नई दिल्ली:  भारत में लंबे समय से चल रहा नागरिकता कानून का विरोध का मुद्दा अब यूरोपीय यूनियन में पहुंच चुका है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूरोपीय संसद सीएए के खिलाफ भारत के कुछ सदस्यों द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर बहस करेगी और मतदान करेगी. संसद में इस सप्ताह की शुरुआत में यूरोपियन यूनाइटेड लेफ्ट/नॉर्डिक ग्रीन लेफ्ट (जीयूई/एनजीएल) समूह ने प्रस्ताव पेश किया था जिस पर बुधवार को बहस होगी और इसके एक दिन बाद मतदान होगा. भारत ने यूरोपीय संसद में लाए गए इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे अपना आंतरिक मामला बताया है. Also Read - India vs England, 3rd Test: इंग्लैंड ने भारत में अपना दूसरा छोटा स्कोर बनाया; अक्षर के नाम दर्ज हुआ ये कीर्तिमान

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प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘सीएए भारत में नागरिकता तय करने के तरीके में खतरनाक बदलाव करेगा. इससे नागरिकता विहीन लोगों के संबंध में बड़ा संकट विश्व में पैदा हो सकता है और यह बड़ी मानव पीड़ा का कारण बन सकता है.’’ Also Read - India ने Imran Khan के एयरक्राफ्ट को श्रीलंका जाने के लिए अपने एयरस्‍पेस का उपयोग करने की इजाजत दी

सीएए भारत में पिछले साल दिसंबर में लागू किया गया था जिसे लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. भारत सरकार का कहना है कि नया कानून किसी की नागरिकता नहीं छीनता है बल्कि इसे पड़ोसी देशों में उत्पीड़न का शिकार हुए अल्पसंख्यकों की रक्षा करने और उन्हें नागरिकता देने के लिए लाया गया है.