कोलकाता: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की पश्चिम बंगाल यात्रा के बाद से भाजपा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच तल्खी और बढ़ गई है. राज्य के पुरुलिया जिले के चार आदिवासियों ने आरोप लगाया है कि भाजपा उन पर पार्टी में शामिल होने का दबाव बना रही है और उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सुरक्षा की मांग की है. गौरतलब है कि भाजपा प्रमुख अमित शाह गुरुवार को इन आदिवासियों के घर गए थे. हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों से इंकार करते हुए कहा है कि राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस उनकी पार्टी के नाम पर इस तरह के अनर्गल काम कर रही है. Also Read - PM नरेंद्र मोदी का नया रिकॉर्ड, सबसे लंबे समय तक रहने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने

तृणमूल नेता मदन मित्रा ने कहा कि भाजपा के दबाव के बाद अदिवासी अपनी असुरक्षा की भावना से मुख्यमंत्री को अवगत कराने के लिए कालीघाट स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय पुहंचे. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आदिवासियों से मुलकात की अथवा नहीं.

मित्रा ने ग्रामीणों को मीडिया के समक्ष पेश किया और दावा किया कि वे शाह और उनके अंगरक्षकों की मौजूदगी से भयभीत हो गए और इसलिए वे सुरक्षा मांगने के लिए बनर्जी के कालीघाट आवास पहुंचे. मित्रा ने कहा कि उनके परिवार को भाजपा मानसिक यातनांए दे रही है. वहीं, तृणमूल के राज्य सभा सदस्य शांतनु सेन ने कहा कि चारों ग्रामीण कभी राजनीति में शामिल नहीं रहे और शाह की यात्रा से मानसिक रूप से आघात और दबाव में हैं.

इस बीच, चारों आदिवासियों में एक पुचू राजभर ने कहा, ‘‘हम अपने आप शहर आए हैं और हम जानते हैं कि दीदी हमें धमकियों से बचाने आएंगी.’’ तीन अन्य भी पुचू राजभर के परिजन ही हैं.

वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्र बोस ने भी कहा है कि अमित शाह की यात्रा से पहले ही हमने पार्टी की राज्य शाखा को परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. शाह जैसे ही पुरुलिया से निकले, तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने उसे धमकाना शुरू कर दिया और अब अफवाह फैलाई जा रही है कि पीड़ित परिवार तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने वाला है.