लोकसभा ने एक बार में तीन तलाक को अवैध करार देने वाले मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2017 को गुरुवार को मंजूरी दे दी जिसके बाद अब ऐसे पतियों को जेल की हवा खानी पड़ेगी जो एक बार में तीन तलाक का इस्तेमाल करेंगे. विधेयक में एक बार में तीन तलाक को दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखते हुए तीन वर्ष तक कारावास और जुर्माने का प्रावधान किया गया है. Also Read - WB Assembly Elections 2021: दिलीप घोष ने किया कंफर्म, सौरव गांगुली भाजपा में नहीं हो रहे शामिल

लोकसभा के बाद अब विधेयक को राज्यसभा में पेश किया जाएगा जहां सरकार के पास बहुमत नहीं है. सरकार इसी सत्र में इस बिल को राज्यसभा में पारित करना चाहती है जो आसन नहीं है. तीन तलाक के खिलाफ इस बिल में सजा के प्रावधान को लेकर विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं. साथ ही इसमें संशोधन की मांग कर रहे हैं. Also Read - मैरीटाइम इंडिया समिट 2021: पीएम मोदी ने कहा- भारत विकास कर रहा है, दुनिया के देश आएं और इसका हिस्सा बनें

वहीं, केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमें पूरा यकीन है कि मुख्य विपक्षीय दल कांग्रेस लोकसभा की तरह ही राज्यसभा में भी तीन तलाक बिल पर सरकार का साथ देगी और हम बिल को संसद से पारित कराने में कामयाब रहेंगे. Also Read - गुलाम नबी आज़ाद और पीएम मोदी की 'दोस्ती' पर कांग्रेस में बवाल शुरू, पुतला फूंका गया, कार्यकर्ता बोले...

बता दें कि विधेयक की धारा 3 और 4 में प्रस्ताव किया गया है कि किसी व्यक्ति द्वारा उसकी पत्नी के लिये, शब्दों द्वारा, चाहे बोले गए हों या लिखित हों या इलेक्ट्रानिक रूप में हो या किसी अन्य रीति में हो…. चाहे कोई भी हो, तलाक की उद्घोषणा अवैध एवं अमान्य होगी. जो कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को इस प्रकार से तलाक की उद्घोषणा करता है, उसे तीन वर्ष तक कारावास और जुर्माने से दंडित किया जायेगा.

विधेयक की धारा 3 और 4 में प्रस्ताव किया गया है कि किसी व्यक्ति द्वारा उसकी पत्नी के लिये, शब्दों द्वारा, चाहे बोले गए हों या लिखित हों या इलेक्ट्रानिक रूप में हो या किसी अन्य रीति में हो…. चाहे कोई भी हो, तलाक की उद्घोषणा अवैध एवं अमान्य होगी. जो कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को इस प्रकार से तलाक की उद्घोषणा करता है, उसे तीन वर्ष तक कारावास और जुर्माने से दंडित किया जायेगा.

(भाषा इनपुट)