अगरतला। त्रिपुरा में बीजेपी ने 25 साल पुरानी लेफ्ट सरकार को उखाड़ फेंका हैं. अभी तक के रुझान के मुताबिक, बीजेपी 41 सीटों पर आगे है. बीजेपी और उसकी गठबंधन पार्टी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने राज्य में बीते 25 साल में सत्तासीन मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व में वाम मोर्चा को सत्ता से बेदखल कर दिया है. त्रिपुरा के कृषि मंत्री अघोरे देबबर्मा (माकपा) भी चुनाव हार गए हैं. Also Read - सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने केरल के दो चैनलों के प्रसारण पर लगाई रोक, माकपा, कांग्रेस ने की निंदा

अघोरे देबबर्मा को आश्रमबाड़ी निर्वाचन क्षेत्र से आईपीएफटी के मेवार कुमार जमातिया ने 6,988 मतों के अंतर से शिकस्त दी. निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, अघोरे को 12,200 वोट मिले, जबकि जमातिया को 19,188 वोट मिले. आईपीएफटी के प्रशांत देबबर्मा ने रामचंद्रघाट सीट पर माकपा के अपने प्रतिद्वंद्वी पद्म देबबर्मा को 4,235 मतों से हराया. Also Read - Delhi Assembly Election 2020 Results: भाजपा की हार के लिए माकपा, कांग्रेस ने मोदी के दोषपूर्ण फैसलों को ठहराया जिम्मेदार, कहा- AAP की जीत BJP के लिए है सीख

यह भी पढ़ें- त्रिपुरा चुनाव परिणामः इन 5 कारणों से समझें, शून्य से सत्ता तक कैसे पहुंची बीजेपी Also Read - गृह युद्ध की तरफ बढ़ रहा है समाज और इसके लिए सिर्फ सरकार जिम्मेदार: सीताराम येचुरी

त्रिपुरा में प्रचंड जीत के बाद बीजेपी के महासचिव राम माधव ने कहा कि हम त्रिपुरा के रुझानों से खुश हैं, जहां बीजेपी 40 से अधिक सीटों से सरकार बनाती दिख रही है. माकपा ने त्रिपुरा में कड़ी टक्कर दी है लेकिन लोगों ने बदलाव के लिए मतदान किया है. इस जीत का श्रेय त्रिपुरा की जनता, पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को जाता है.

बीजेपी के विजेताओं में राज्य इकाई के बीजेपी अध्यक्ष बिप्लब कुमार देब (बनामालीपुर), सुदीप रॉय बर्मन (अगरतला), रतनलाल नाथ (मोहनपुर), ए.रामपदा जमातिया (बगमा), दिलीप कुमार दास (बरजाला), दिबा चंद्र रांगकावल (करमचरा), आशीष कुमार साहा (बोरोवाली), रतन चक्रबर्ती (खायेरपुर), अतुल देबबर्मा (कृष्णपुर), सुशांत चौधरी (मजलिसपुर) हैं.

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चे ने 50 सीटें जीती थीं. बीजेपी खाता तक खोलने में असफल रही थी. कई उम्मीदवारों की तो जमानत तक जब्त हो गई थी. त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा में 59 सीटों पर 18 फरवरी को चुनाव कराया गया था. एक सीट पर माकपा प्रत्याशी के निधन की वजह से चुनाव रद्द कर दिया गया.

भाषा इनपुट