अगरतला। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने कहा है कि जल स्रोतों में बतखों के तैरने से पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है, जिसकी कुछ विशेषज्ञों ने पुष्टि की है. देब ने त्रिपुरा में सिपाहीजाला जिले के नीरमहल के वाटर पैलेस में एक कार्यक्रम में कहा कि जल स्रोतों में जब बतख तैरते हैं तो पानी की रीसाइक्लिंग होती है और इससे ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है. Also Read - पंजाबी और जाटों पर टिप्पणी कर बुरे फंसे त्रिपुरा के मुख्यमंत्री, मांगी माफी, बोले- मुझे दोनों समुदायों पर गर्व है

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सोशल मीडिया पर बयान वायरल Also Read - Tripura PWD Scam: पुलिस को वामपंथी नेता चौधरी का नहीं मिला सुराग, 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड

उनका यह बयान सोमवार का है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. उन्होंने यह भी कहा कि वह रूद्रसागर झील के निकट रहने वाले ग्रामीणों के बीच बतखों के बच्चे बांटना चाहते हैं ताकि उन्हें आय का एक वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध हो सके.

देब के अनुसार बतखों का पालन करने से हर साल छह करोड़ रुपये का सृजन किया जा सकता है. त्रिपुरा में भाजपा प्रवक्ता अशोक सिन्हा मुख्यमंत्री के उस दावे के समर्थन में आगे आये है जिसमें कहा गया है कि बतखों के तैरने से जल स्रोतों में आक्सीजन का स्तर बढ़ सकता है.

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सिन्हा ने कल एक फेसबुक पोस्ट में कहा, बिप्लब कुमार देब ने जो कहा वह 100 प्रतिशत सही है. जो लोग हंस रहे हैं, असल में उनके ऊपर हंसा जाना चाहिए. वे अज्ञानी हैं. बतख आक्सीजन के स्तर को बढ़ाते हैं.

उन्होंने अपने दावे के समर्थन में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के कथन का भी हवाला दिया. त्रिपुरा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबद्ध एक वैज्ञानिक मिहिर कुमार दास से संपर्क किये जाने पर उन्होंने भी मुख्यमंत्री के विचार का समर्थन किया.