नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत लगातार दूसरे दिन भी बेहद नाजुक बनी हुई है और देशभर से तमाम नेता उनका कुशलक्षेम जानने के लिए एम्स पहुंच रहे हैं. वाजपेयी को फिलहाल जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है. उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केन्द्रीय मंत्रियों सुषमा स्वराज और राजनाथ सिंह के एम्स पहुंचने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के 93 वर्षीय नेता के स्वास्थ्य को लेकर अटकलें तेज हो गयी हैं. Also Read - SSR Case: AIIMS ने CBI को दिया अपना मेडिकोलीगल ओपिनियन, मीडिया की अटकलों की पुष्टि नहीं

राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों की सरकारों ने अपने कार्यक्रम रद्द कर दिये हैं. एम्स की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, ‘पूर्व प्रधानमंत्री की हालत वैसी ही बनी हुई है. उनकी हालत नाजुक है और वह जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं.’ Also Read - AIIMS पैनल ने CBI को सौंपी रिपोर्ट, सुशांत पक्ष के वकील ने कहा- गला घोंटकर की गई हत्या

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इस बीच त्रिपुरा के राज्‍यपाल तथागत रॉय ने ट्वीट कर पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर दुख जता दिया. हालांकि बाद में रॉय को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्‍होंने ट्वीट डिलीट कर माफी मांगी. तथागत रॉय ने अटलजी को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया, ‘भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, बेहतरीन वक्‍ता और छह दशकों तक भारतीय राजनीति के चमकते सितारे रहे, डॉक्‍टर श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी के निजी सचिव के रूप में अपनी शुरुआत करने वाले, बेहद बुद्धिमान, विनम्र अटल बिहार वाजपेयी का निधन हो गया. ओम शांति.’ रॉय के इस ट्वीट के बाद लोगों ने उन्‍हें ट्रोल करना शुरू कर दिया.

बाद में राज्‍यपाल को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्‍होंने ट्वीट डिलीट कर माफी मांगी. रॉय ने दोबारा ट्वीट किया, ‘मुझे माफ करें. मैंने टीवी रिपोर्ट के आधार पर ट्वीट कर दिया था. मैंने उसे असली मान लिया. अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. मैंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है. एक बार फिर माफ करें.

वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में ताजी जानकारी प्राप्त करने के लिए अस्पताल के बाहर भारी संख्या में मीडियाकर्मी और अन्य लोग मौजूद हैं जिसके कारण सड़क पर यातायात प्रभावित हो रही है. अस्पताल के बाहर भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. मधुमेह से ग्रस्त वाजपेयी की एक ही किडनी काम करती है. वर्ष 2009 में उन्हें आघात आया था, जिसके बाद उन्हें लोगों को पहचानने की दिक्कत होने लगी थी. बाद में उन्हें डिमेंशिया हो गया.