त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में लेफ्ट का किला ढहाने के बाद शुक्रवार को राज्य में बीजेपी की सरकार शपथ लेने जा रही है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे बिप्लब देब राज्य में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री होंगे. जिष्णु देव वर्मा को उप मुख्यमंत्री बनाया जाएगा.

त्रिपुरा में 25 साल से सत्ता पर काबिज लेफ्ट सरकार को बीजेपी ने कड़ी शिकस्त दी है लेकिन राज्य में नई सरकार के सामने 5 मुद्दे ऐसे हैं जिनसे निपटना नई सरकार के लिए चुनौती से कम नहीं होगा. आइए वो चुनौतियां जानते हैं जो राज्य में बीजेपी की नई सरकार के सामने खड़ी हैं. 

बिप्लब देब आज बनेंगे त्रिपुरा के सीएम, पीएम मोदी समेत कई मुख्यमंत्री होंगे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल

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पहलाः त्रिपुरा की साक्षरता दर बहुत अच्छी है लेकिन बेरोजगारी अभी भी यहां बड़े पैमाने पर है. इसे दूर करनी की चुनौती बीजेपी के सामने है. बीजेपी ने जो मुद्दे चुनाव में जोर शोर से उठाए, उसमें बेरोजगारी भी एक है. बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में हर युवा को रोजगार देने का वादा किया है. ऐसे में इस चुनावी वादे को पूरा करना ही पार्टी के लिए सबसे बड़ी मुश्किल है.

दूसराः त्रिपुरा पर प्रकृति मेहरबान है. प्राकृतिक संसाधनों से भरा होने के बावजूद राज्य में उद्योग धंधे कम संख्या में है. चुनाव प्रचार में बीजेपी ने राज्य में SEZ बनाने की बात कही थी. वामपंथ की जमीन रहे इस राज्य में उद्योग धंधे लगाना और उसके लिए जमीन अधिग्रहित करना पार्टी की बड़ी चुनौती होगा.

तीसराः त्रिपुरा में नौकरी, इंडस्ट्री के अलावा हेल्थ सेक्टर भी काफी पीछे नजर आता है. बीजेपी ने चुनाव में एम्स जैसा एक अस्पताल देने का राज्य से वादा किया है. इसके अलावा कई मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल खोलने और राज्य के स्वास्थ्य सेक्टर की तस्वीर सुधारने का वादा भी बीजेपी ने किया था.

चौथाः बांग्लादेश से होने वाली घुसपैठ भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में है. असम के अलावा त्रिपुरा में भी बांग्लादेश बॉर्डर से घुसपैठ और तस्करी रोकना सरकार के लिए बेहद अहम मुद्दा रहने वाला है. बीते कुछ सालों से त्रिपुरा में घुसपैठ बढ़ी है और इस वजह से हिंसा की संख्या में भी तेजी आई है..

पांचवांः राज्य में अलग अलग आदिवासी संगठन अलग अलग क्षेत्र की मांग लंबे वक्त से करते रहे हैं. त्रिपुरा में कई आदिवासी गुट हैं और इनकी मांग को नजरअंदाज करना सरकार के लिए मुश्किल भरा फैसला होगा. बीजेपी की नई सरकार इनकी मांग को ध्यान में रखते हुए किस निष्कर्ष पर पहुंचती है, ये भी सभी देखना चाहेंगे.