नई दिल्ली: आर्क बिशप अनिल काउटो की ओर से पिछले दिनों दिल्ली के चर्चों को लिखे लेटर को लेकर बीजेपी और आरएसएस ने पलटवार किया है. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत में धर्म, संप्रदाय जैसी बातों के आधार पर भेदभाव की इजाजत नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आर्क बिशप ने ईसाई समुदाय से 2019 के चुनाव में नई सरकार के लिए विशेष प्रार्थना करने की बात लिखी है. आर्क बिशप ने 8 मई को लिखे गए पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि हर रविवार को सामूहिक प्रार्थना सभा में इसे पढ़ा जाए. Also Read - यूपी: लखनऊ में राजनाथ सिंह की गुमशुदी के पोस्टर लगाए, सपा के 2 कार्यकर्ता अरेस्ट

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राजनाथ सिंह ने कहा,‘ मैंने (आर्कबिशप) शब्दश: बयान नहीं देखा है लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि भारत एक ऐसा देश है जहां किसी के भी खिलाफ धर्म या संप्रदाय या ऐसे किसी आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता है. ऐसा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है.कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने कहा कि सरकार देश की एकता पर किसी भी तरह का आघात नहीं होने देगी.

उन्होंने कहा,‘कई बार हमसे सवाल किए जाते हैं. लेकिन हम देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे और यह हमारी शीर्ष प्राथमिकता है. हम हमारे समाज में मैत्री, बंधुत्व और सामंजस्य के बंधन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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लेटर में क्या लिखा है

दिल्ली के आर्कबिशप अनिल काउटो द्वारा कथित तौर पर लिखे गए और राजधानी के सभी पादरियों को इस महीने की शुरुआत में भेजे पत्र में आगामी 2019 के आम चुनाव के मद्देनजर एक प्रार्थना आंदोलन शुरू करने और शुक्रवार के दिन व्रत करने का अनुरोध किया था. पत्र में संविधान में निहित लोकतांत्रिक सिद्धांतों और देश के धर्मनिरपेक्ष तानेबाने के लिए देश के अशांत राजनीतिक माहौल को खतरा बताते हुए कहा गया है कि अपने देश और यहां के राजनीतिक नेताओं के लिए हमेशा प्रार्थना करने की हमारी पवित्र प्रथा रही है और देश में चुनाव निकट आने पर यह और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है. पत्र के मुताबिक, ‘ हम वर्ष 2019 की ओर देखते हैं जब नई सरकार आएगी, उसे देखते हुए हमें हमारे देश के लिए प्रार्थना अभियान शुरू करना चाहिए.

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बीजेपी की प्रतिक्रिया

केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री धर्म और जाति से परे बिना भेदभाव सबके विकास के लिए काम कर रहे हैं. हम उन्हें (आर्क बिशप) सिर्फ प्रगतिशील सोच रखने के लिए कह सकते हैं.

शाइना एनसी ने आर्क बिशप की अपील पर कहा कि आप किसी को सही प्रत्याशी या पार्टी चुनने के लिए कह सकते हैं, लेकिन किसी विशेष पार्टी को ही वोट डालने के लिए कहना गलत है. ऐसा करते हुए खुद को धर्मनिरपेक्ष बताना दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है. जातियों और समुदायों को उकसाना और ऐसी कोशिश करना गलत है. हालांकि बिशप ने किसी पार्टी को वोट देने की अपील लेटर में नहीं की है.

बिशप ने दी सफाई

लेटर लिखने वाले बिशप अनिल काउटो का कहना है कि हम हर चर्च में प्रेयर और फास्ट रखते हैं. देश में घट रही तमाम घटनाओं को ध्यान में रखते हुए हमने नई सरकार के लिए प्राथना करने को कहा है. हर सरकार को देश के नागरिकों और संविधान की रक्षा करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मैंने और कोई बात नहीं की. चुनाव और सरकार हमसे जुड़े हैं. हमें ऐसी सरकार चुननी चाहिए जो लोगों के उत्थान और उनकी आजादी के लिए काम करे. वहीं ईसाई समुदाय के हितों का भी ध्यान रखे.मेरी राजनीति में कोई रुचि नहीं है. हम बस सिर्फ यह प्रेयर कर रहे हैं कि देश सही दिशा में आगे बढ़े.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मिला साथ 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आर्च बिशप के समर्थन में आ गई हैं. उन्होंने कहा कि हम सभी समुदायों, जातियों और आर्च बिशप का सम्मान करते हैं. इनमें कोलकाता के आर्च बिशप भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि बिशप ने जो कहा वह सही है.