नई दिल्ली. तुर्की के एक अखबार ने खुलासा किया है कि वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या सऊदी अरब के दूतावास में ही हुई थी. इसमें कहा गया है कि इस्तांबुल स्थित दूतावास में ही उनकी लाश के टुकड़े किे गए गए थे. बता दें कि येनी सफाक अखबार को तुर्की का सरकार समर्थित अखबार माना जाता है.

अखबार ने दावा किया है कि खशोगी के दूतावास के अंदर पहुंचते ही उसे बंदी बना लिया गया था. अखबार ने इसके पीछे कई ऑडियो रिकॉर्डिंग का हवाला दिया है. उसका कहना है कि इसे सुनने पर पता चलता है कि दूतावास के अंदर खशोगी को तड़पा कर मारा गया था.उनकी उंगलियां काट दी गईं थी और इसके बाद एक-एक काट दिए गए. बता दें कि इससे पहले वाशिंगटन पोस्ट अखबार ने भी खगोसी की हत्या का दावा किया था.

रिकॉर्डिंग की जानकारी नहीं दी
अखबार का चौंकाने वाला दावा है कि रिकॉर्डिंग में तुर्की में सऊदी के राजदूत मोहम्मद अल-ओतैबी की भी आवाज है. इसमें ये भी है कि अल-ओतैबी के रोकने पर हत्यारे ने उन्हें भी धमकी दी थी. हालांकि, अखबार ने टेप कहां से आए हैं इसका जिक्र नहीं किया है. दूसरी तरफ खशोगी की हत्या के मामले में अमेरिका ने तुर्की से सबूत मांगे हैं

2 अक्टूबर से गायब हैं
बता दें कि इस साल 2 अक्टूबर को वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार खशोगी इस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास के अंदर गए थे. इसके बाद से उनके बारे में कोई सूचना नहीं है. पुलिस में शिकायत के बाद जांचकर्ताओं ने इस सिलसिले में बुधवार और गुरुवार दोनों दिन करीब 9 घंटे तक राजदूत के घर और दूतावास की जांच की थी. लेकिन इसके बाद भी अब तक किसी तरह के सबूत नहीं मिले हैं.