नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फिर आरएसएस को निशाने पर लिया. इस बार राहुल ने तमिलनाडु के तूतीकोरिन में हुई हिंसा में मारे गए लोगों को मुद्दा बनाया. राहुल ने दावा किया कि आरएसएस की विचारधारा के सामने झुकने से इनकार करने की वजह से तमिलों की हत्या की जा रही है. बता दें कि संयंत्र के विरोध में हुए हिंस प्रदर्शन में 10 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है. इसे लेकर सियासत का दौर शुरू हो गया है. राहुल ने इसके लिए संघ को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहरा दिया.

उनकी इस टिप्पणी को तमिलनाडु के तुतीकोरिन में स्टरलाइट इंडस्ट्रीज के कॉपर संयत्र का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर कल हुई पुलिस गोलीबारी की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है. यहां पुलिस गोलीबारी में 10 लोगों की मौत हो गई थी. आज भी पुलिस गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई.

तमिलनाडु: स्टरलाइट कॉपर यूनिट के विरोध में हिंसक हुआ प्रदर्शन, 9 की मौत

राहुल ने ट्वीट कर कहा, तमिलों की हत्या की जा रही है क्योंकि वे आरएसएस की विचारधारा के सामने नहीं झुक रहे. आरएसएस और मोदी की गोलियों से तमिल लोगों की भावनाओं को नहीं कुचला जा सकता. तमिल भाइयों – बहनों , हम आपके साथ हैं. राहुल ने मंगलवार को पुलिस गोलीबारी को सरकार प्रायोजित आतंकवाद की बर्बर मिसाल करार दिया था और कहा था कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले नागरिकों की हत्या की गई है.

संघ का पलटवार

वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने राहुल गांधी पर उनके उस आरोप के लिये हमला बोला जिसमें उन्होंने कहा था कि संघ की विचारधारा के आगे नहीं झुकने के लिये तमिलनाडु में लोगों की हत्या की गई. आरएसएस ने कहा कि ‘ हताश ’ कांग्रेस अध्यक्ष अपनी पार्टी का खोया समर्थन दोबारा पाने के लिये समाज में और विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. आरएसएस के संयुक्त महासचिव मनमोहन वैद्य ने एक वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जाति , धर्म और धार्मिक पहचान से ऊपर उठकर राष्ट्र के हित में भारत के लोगों को एकजुट करने के लिये लगातार काम कर रहा है. कांग्रेस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विभाजनकारी राजनीति करने वाले राजनैतिक दलों को भारत की जनता खारिज कर रही है. उन्होंने राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि हताश कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी अपना खोया हुआ समर्थन दोबारा पाने के लिये समाज को और बांटने का प्रयास कर रहे हैं.