नई दिल्ली: अगर आप केरल में हैं और बाढ़ की विभीषिका में फंसे हुए हैं तो ट्विटर आपको फर्जी खबरों से सचेत कर सकता है. संचार सेवाएं बंद होने और इंटरनेट की कनेक्टिविटी खराब रहने की सूरत में डेटा फ्रेंडली ट्विटर लाइट आपको सरकारी एजेंसियों, राहत पहुंचाने वाले संगठनों, मीडिया और रक्षक दलों से आसानी से संपर्क साधने मदद कर सकता है.

महज हैस केरल फ्लड, हैस केरल फ्लड 2018 जैसे हैसटैग का उपयोग करके कोई राहत केंद्रों के ठिकानों जैसे राहत कार्य के संबंध में सूचना ले सकता है. अन्य हैस जैसे हैस ऑपमदद से सहायता या बचाव कार्य और हैस केरलफ्लड रिलीफ से केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए धन जुटाने में मदद मिल सकती है.

सूचनाओं से सचेत रहने के लिए आप ट्विटर ‘मोमेंट’ को तलाश सकते हैं. यह 40 भाषाओं में उपलब्ध है और इस पर ऑफलाइन भी संपर्क किया जा सकता है. ‘मोमेंट’ पर माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट पर जो चल रहा है, उसके संबंध में सबसे उपयुक्त ट्वीट है. हालात के घटनाक्रम के बारे में कोई पूरी जानकारी भी दे सकता है.

सरकारी एजेंसियों जैसे राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के लिए एट द रेट एनडीआरएफएचक्यू, भारतीय नौसेना के लिए एट द रेट इंडियानेवी, प्रेस सूचना ब्यूरो के लिए एट द रेट पीआईबीइंडिया, केरल के मुख्यमंत्री के लिए एट द रेट सीएमओकेरल और भारतीय तटरक्षक के लिए एट द रेट इंडियाकोस्टगार्ड पर संपर्क करने से विश्वस्त सूत्र से अद्यतन जानकारी मिल सकती है.

राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्से में आठ अगस्त से हुई भारी बारिश के कारण भीषण बाढ़ के हालात बने हुए हैं, जो कि केरल के इतिहास में सबसे खराब स्थिति है. बाढ़ की इस विभीषिका में 29 लोगों की मौत हो गई और और 54,000 लोग बेघर हो गए हैं.