सूचना प्रसारण मंत्री ने पद संभालते ही अश्निनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) माइक्रो ब्लॉगिंग साइट Twitter के साथ चल रहे सरकार के विवाद पर अपना सख्त रुख दिखाया है. वैष्णव ने गुरुवार को पदभार संभालने के साथ ही ट्विटर को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि देश का कानून सबसे ऊपर है और ट्विटर को नियम मानने ही होंगे.Also Read - अगस्त से बदल जाएंगे Facebook और Twitter, जानें इस बार क्या होगा बड़ा बदलाव

ट्विटर द्वारा नए IT कानून का पालन नहीं करने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने संकेत दिया कि सभी को नए दिशानिर्देशों का पालन करना होगा. उन्होंने केंद्रीय मंत्री के रूप में देश की सेवा करने का मौका देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया. मंत्री ने कहा, ‘मुझे देश की सेवा करने का इतना बड़ा मौका देने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद कहने के लिए शब्द नहीं हैं.’ Also Read - Twitter पर सामने आया दिलचस्प मामला, जानकर हंसी नहीं रोक पाएंगे आप

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ओडिशा से सांसद वैष्णव ने बुधवार को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की. उन्हें सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ साथ रेलवे का भी प्रभार दिया गया है. वैष्णव ने कहा कि उनका मुख्य जोर कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने पर होगा. बता दें कि अश्विनी वैष्णव ने रविशंकर प्रसाद की जगह ली है. वह पिछले कुछ समय से ट्विटर के साथ अपनी नोंक-झोंक लेकर काफी चर्चा में रहे थे.

उधर, ट्विटर ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि उसे शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करने में 8 हफ्ते का समय लगेगा. दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को ट्विटर को 8 जुलाई यानी आज तक यह बताने का निर्देश दिया था कि नए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियमों के अनुपालन में वह स्थानीय शिकायत निवारण अधिकारी (RGO) की नियुक्ति कब तक करेगा?

(इनपुट: भाषा, ANI)