पुणे: पुणे में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार करके बिना आपूर्ति वाली वस्तुओं पर छल से इनपुट टैक्स क्रैडिट का दावा करने के लिए फर्जी वस्तु एवं सेवा कर बिल तैयार करने के रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है. माना जा रहा है कि यह कथित धोखाधड़ी करीब 700 करोड़ रूपये का है. Also Read - GST Collection increases in November 2020: नवंबर माह में हुआ 1.05 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह, वित्त मंत्रालय ने दी जानकारी

Also Read - फरवरी में घट गया जीएसटी संग्रह, जानिए बीते महीने कितना हुआ कलेक्शन

ईडी ने एचडीआईएल के चेयरमैन के 60 करोड़ के जेवर संग प्राइवेट जेट किए जब्त Also Read - CBI on GST | जीएसटी के तहत वस्तुओं के कर स्लैब का निर्धारण शुरू : सीबीईसी

केंद्रीय वस्तु एवं सेवा शुल्क की एहतियाती शाखा (पुणे) ने दावा किया कि इस कदाचार में शामिल शहर की दो कंपनियों का पर्दाफाश किया गया है. एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार दो कंपनियों– मैसर्स रिलायबल मल्टीट्रेडिंग और मैसर्स हिमालय ट्रेडलिंक्स ने जीएसटी पंजीकरण कराया था और उन्होंने फर्जी इनपुट टैक्स क्रैडिट दावे के लिए 54 करोड़ रूपये के जीएसटी रिफंड के साथ 500 करोड़ रूपये के जीएसटी बिल बनाये और सरकारी खजाने को चूना लगाया.

अधिकारियों के अनुसार, इन कंपनियों के पार्टनर अशोक थेपडे और विलास अटल को गिरफ्तार किया गया है.

कीमतों में लगातार गिरावट: दिल्ली में 74 रुपए लीटर से कम हुआ पेट्रोल, डीजल के दाम भी घटे