हैदराबाद: तेलंगाना में विपक्षी कांग्रेस के दो विधायक एवं तेलुगू देशम पार्टी के एक विधायक ने सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति में शामिल होने का ऐलान किया है. प्रदेश के सत्तुपल्ले से टीडीपी एमएलए सांद्रा वेंकट वीरैया ने रविवार को कहा कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के हित में सत्तारूढ़ टीआरएस में शामिल होने का फैसला किया है. इस तरह से तेलंगाना में टीआरएस ने लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी और टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू को बड़ा झटका दिया है.

बता दें कि तेलंगाना में 119 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 19 विधायक हैं और टीडीपी दो विधायक हैं. इस झटके से अब कांग्रेस के 17 और टीडीपी का एक ही विधायक रह जाएगा.

वीरैया ने कहा, अगर मैं क्षेत्र का विकास नहीं करता हूं तो यह उन लोगों के साथ अन्याय होगा, जिन्होंने मुझे (चुनाव में) जिताया है. मैं स्वार्थ में अथवा व्यक्तिगत कारणों से पार्टी नहीं बदल रहा हूं. उन्होंने मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से शनिवार को मुलाकात कर उनसे सिंचाई के लिए जल छोड़ने का आग्रह किया ताकि उनके गृह जिले खम्मम में फसलों को बचाया जा सके, जिसे स्वीकार कर लिया गया.

कांग्रेस के दो विधायकों- पिनपाका से रेगा कांता राव एवं आसिफाबाद से अतरम सक्कू ने शनिवार की रात कहा कि उन्होंने अनुसूचित जनजातियों के कल्याण एवं विकास के हित में टीआरएस में शामिल होने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि वे कानूनी विशेषज्ञों से संपर्क करेंगे और विधानसभा की सदस्यता छोड़ेंगे और जरूरत पड़ी तो फिर नए सिरे से जनादेश लेंगे.

तेलंगाना में 119 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 19 विधायक हैं और दो विधायकों के टीआरएस में शामिल होने की घोषणा से यह आंकड़ा कम होकर 17 पर पहुंच गया है. वीरैया के निर्णय के बाद विधानसभा में तेदेपा के अब केवल एक विधायक रह गए हैं .