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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के किसानों से रविवार को रेडियों के जरिए मन की बात कर रहे थे। ठीक उसी समय बांदा में दो किसानों ने आग लगाकर खुदकुशी की कोशिश की। दोनों चचेरे भाई हैं। पीएम ने ऐसे वक्त किसानों से बात की जब बेमौसम बरसात से फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। वहीं भूमि अधिगृहण बिल पर भी सरकार हर तरफ से घिरी हुई है।

जानकारी के अनुसार दोनों किसान भाईयों ने किराए पर खेत लेकर खेती की थी। फसल भी अच्छी हुई थी, लेकिन मौसम की वजह से फसल तबाह हो गई। ये सदमा दोनों भाई बर्दाश्त नहीं कर सके और दोनों ने आत्मदाह करने का फैसला किया। किसानो से ‘मन की बात’ में पीएम मोदी बोले, भूमि अधिग्रहण बिल पर फैलाये जा रहे भ्रम से गुमराह न हों

आज जहां मोदी मन की बात में किसानों के दर्द की बात कर रहे थे वहीं यूपी के इन दो किसानों का ऐसा हाल देखने को मिला जो अपने दर्द को झेल नहीं पाए और अपनी जिंदगी को खत्म करने का फैसला कर लिया।

वही दोनों भाई 70 फीसदी जल चुके हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

मोदी ने कहा कि अगर गांव में खेत के लिए सिंचाई की व्यवस्था नहीं है और गरीब किसानों को घर चाहिए तो हम उसे बनाने के लिए जमीन लेंगे। ये कॉर्पोरेट्स के लिए नहीं गरीब किसानों के लिए किया जाएगा। यह कानून राज्यों पर थोपा नहीं जाएगा, कोई भी राज्य अगर चाहे तो इस कानून को लागू नहीं करने के लिए स्वतंत्र है।

उपजाऊ जमीन को सबसे बाद में अधिग्रण किया जाएगा अगर जरूरत हुई तो। हमने अपने कानून में यह भी सुनिश्चित किया है कि पहले सरकारी जमीन को पहले इस्तेमाल किया जाएगा। हमने यह भी इस कानून में सुनिश्चित किया है कि किसान के परिवार को नौकरी का भी प्राविधान किया है, इसके साथ ही किसानों को यह भी बताया जाएगा कि उन्हें कौन सी नौकरी दी जाएगी कहां दी जाएगी। शहरी विकास के लिए जो जमीन अधिग्रहित की जाएगी उस विकसित जमीन में किसान को 20 फीसदी जमीन किसान को दी जाएगी।