नई दिल्ली: गोवा में कांग्रेस के दो विधायक दयानंद सोप्ते और सुभाष शिरोडकर सोमवार रात गोवा से दिल्ली के लिए रवाना हो गए. संभावना है कि वे बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. बीजेपी के एक सीनियर नेता ने बताया कि दोनों विधायक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करेंगे. वहीं बीजेपी के एक अन्य नेता ने बताया कि दोनों विधायक मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल होंगे. सोप्ते जिन्होंने बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर को हराया था. वहीं शिरोडकर ने कांग्रेस के टिकट पर शिरोडा विधानसभा से चुनाव जीता था. गोवा एयरपोर्ट पर सोप्ते ने पत्रकारों को बताया कि वे बिजनेस ट्रिप पर दिल्ली जा रहे हैं. वहीं जब सुभाष शिरोडकर से पत्रकारों ने बीजेपी में शामिल होने से जुड़ा सवाल किया तो उन्होंने कहा कि अगर आपको यह देखना है तो आप मेरे साथ दिल्ली आ सकते हैं.

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ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी सेक्रेटरी A Chellakumar ने बताया कि उन्होंने दोनों विधायकों से बात की है. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे कांग्रेस से इस्तीफा नहीं दे रहे हैं. सोमवार शाम मैंने दोनों विधायकों से बात की थी और उन्होंने इस बात से इनकार कर दिया कि वे पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं. गोवा में कांग्रेस के 16 विधायक हैं. अगर दो विधायक इस्तीफा दे देते हैं तो उनकी संख्या घटकर 14 हो जाएगी. वहीं बीजेपी के भी 14 विधायक हैं. सरकार में गोवा फॉवर्ड पार्टी के 3 और एमजीपी के भी तीन एमएलए हैं.

दूसरी ओर गोवा कांग्रेस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सोमवार को यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि ‘कोई गलत हथकंडा अपनाकर’’ राज्य विधानसभा भंग नहीं हो. गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख गिरीश चोडणकर ने अपने ज्ञापन में कोविंद को इस बात से अवगत कराया कि उन्होंने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करने के बारे में राज्यपाल मृदुला सिन्हा को कई बार जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि राष्ट्रपति राज्यपाल को निर्देश दें और उनका मार्गदर्शन करें ताकि विधानसभा भंग करने के प्रयास में कोई संविधान से इतर कदम ना उठाया जाए.

कांग्रेस 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में सबसे बड़ा दल है और उसके पास 16 विधायक हैं. पर्रिकर सरकार को 23 विधायकों का समर्थन हासिल है. भाजपा पर गोवा में ‘‘सत्ता की भूखी होने’’ का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने शनिवार को मांग की थी कि मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर इस्तीफा दें और उसे विधानसभा में एक विशेष सत्र बुलाकर बहुमत साबित करने की अनुमति दी जाए. पर्रिकर (62) फरवरी के मध्य से बीमार चल रहे हैं और उनका गोवा, मुंबई और अमेरिका सहित कई जगहों के अस्पतालों में इलाज हो चुका है. वह रविवार को दिल्ली से यहां एक विशेष विमान से लौटे. वह दिल्ली के एम्स में अग्नाश्य संबंधी बीमारी का इलाज करा रहे थे. कांग्रेस ने पिछले महीने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर उनसे विधानसभा भंग नहीं करने तथा इसके बजाय उनकी पार्टी को वैकल्पिक सरकार बनाने का न्यौता देने का अनुरोध किया था.