वडोदरा: पाकिस्तान की एक जेल से रिहा किए गए गुजरात के दो मछुआरे शनिवार दोपहर में अहमदाबाद पहुंचे और उन्हें तत्काल इलाज के लिए स्थानीय सिविल अस्पताल ले जाया गया. अधिकारियों ने बताया कि दो मछुआरों गिर सोमनाथ जिले के ऊना तहसील के पालडी निवासी दानाभाई अर्जनभाई चौहान और सौराष्ट्र के सुत्रपदा तहसील के कंजोतर निवासी रामाभाई गोहिल को शुक्रवार शाम में पाकिस्तान की एक जेल से रिहा किया गया था. चौहान ने अमृतसर से फोन पर कहा, ”हम दोनों को पाकिस्तान के कराची जेल में अलग-अलग सेल में रखा गया था और हमें जरूरी मेडिकल मदद नहीं मिली. मेरी गंभीर बीमारी के बावजूद मुझे उद्यान में पानी डालने और बर्तन साफ करने जैसे काम करने को कहा जाता था.” उन्होंने अपनी रिहाई के लिए सुषमा स्वराज को धन्यवाद देते हुए कहा, ”अब मुझे प्रसन्नता है कि मैं स्वदेश वापस आ गया हूं. ”चौहान की पत्नी रूदिबेन ने गत महीने सुषमा को पत्र लिखकर अपने बीमार पति को लाने में मदद मांगी थी. Also Read - भारत व पाकिस्तान ने जेलों में बंद एक-दूसरे के कैदियों की लिस्ट का किया आदान-प्रदान

 
राज्य मत्स्योद्योग विभाग के अधिकारी किरण दवे ने बताया, ”पाकिस्तानी रेंजरों ने इन दोनों मछुआरों को शुक्रवार शाम वाघा सीमा पर बीएसएफ को सौंपा था. इसके बाद अमृतसर जिला कलेक्टर ने इलाज के लिए दोनों को शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया. उन्होंने कहा, ”हमने अमृतसर में आधी रात में सारी औपचारिकताएं पूरी कर लेने के बाद दोनों मछुआरों को अपने साथ ले लिया. उनकी स्वास्थ्य स्थिति देखते हुए हमने उन्हें हवाई मार्ग से गुजरात लाने का फैसला किया. ” चौहान जहां कैंसर से पीड़ित है, वहीं, गोहिल को जेल में रहने के दौरान पक्षाघात हुआ था और वह व्हीलचेयर पर है. Also Read - 3 हजार भारतीय मछुआरों को श्रीलंका की नौसेना ने खदेड़ा, फाड़े जाल, पहुंचाया नुकसान

दवे ने कहा कि अहमदाबाद सिविल अस्पताल में प्रारंभिक इलाज के बाद चौहान को उसके पैतृक गांव पालड़ी ले जाया जाएगा जहां उसके परिवार के सदस्य घर में उसकी देखभाल करना चाहते हैं. गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने पीटीआई से कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि दोनों मछुआरों को सर्वश्रेष्ठ इलाज मिले. Also Read - दक्षेस देशों के मंत्रियों की बैठक में देर से पहुंचे पाकिस्तान के विदेश मंत्री, कारण पूछने पर किया ये बहाना

गुजरात मत्स्योद्योग केंद्रीय सहकारी संस्था लिमिटेड के अध्यक्ष वेलजीभाई मसानी और सुनील गोहिल सहित मत्स्य समुदाय के नेता अस्पताल पहुंचे और चौहान एवं गोहिल से मुलाकात की. चौहान को पाकिस्तानी समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने तीन मई 2017 को पाकिस्तानी जल सीमा में प्रवेश करने के आरोप में पकड़ा था. वहीं, गोहिल को उससे पहले चार मार्च 2017 को पकड़ा गया था. विदेश मंत्रालय ने गुजरात के मत्स्योद्योग आयुक्त को दोनों की आसन्न रिहायी के बारे में सूचित किया था. मंत्रालय ने आयुक्त से उन्हें राज्य ले जाने के लिए इंतजाम करने को कहा था.
(इनपुट- एजेंसी)